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आशा की किरण: नागालैंड के 78 गांव TB मुक्त, 2025 तक पूरे देश को रोगमुक्त करने का लक्ष्य; सरकार कर रही ये प्रयास

Mon, 25 Mar 2024 02:55 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा

सार

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लि. ने देश में वयस्कों पर तपेदिक वैक्सीन एमटीबीवीएसी का क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया है। भारत बायोटेक के मुताबिक, इन्सानों के स्रोत के आधार पर तैयार टीबी के उपचार के लिए यह पहला टीका है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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नागालैंड सरकार ने रविवार को कहा कि राज्य के 78 गांव अब टीबी मुक्त हैं। आधिकारिक सूचना के अनुसार इन स्थानों में फेक जिले के 34 गांव, लोंगलेंग के 19, वोखा के नौ, मोकोकचुंग के चार और कोहिमा के तीन गांव शामिल हैं। यह घोषणा रविवार को विश्व क्षय रोग(TB) दिवस के अवसर पर की गई।
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प्रदेश सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम टीम ने सर्वेक्षण किया और पाया कि ये गांव टीबी मुक्त हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नागालैंड में 2023 में 4,284 सक्रिय टीबी के मामले थे। 

गौरतलब है कि जब डॉ रॉबर्ट कोच ने 1882 में घोषणा की थी कि उन्होंने उस जीवाणु की खोज की है जो टीबी का कारण बनता है, जिससे निदान और इलाज का मार्ग प्रशस्त हुआ। उसी दिन के बाद से विश्व क्षय रोग दिवस 24 मार्च को मनाया जाता है। 
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भारत बायोटेक ने शुरू किया टीबी के टीके का क्लिनिकल परीक्षण
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लि. ने देश में वयस्कों पर तपेदिक वैक्सीन एमटीबीवीएसी का क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया है। भारत बायोटेक के मुताबिक, इन्सानों के स्रोत के आधार पर तैयार टीबी के उपचार के लिए यह पहला टीका है। इसे स्पेन की बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोफैब्री ने तैयार किया है। भारत बायोटेक बायोफैब्री के सहयोग से परीक्षण कर रहा है। एमटीबीवीएसी की सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए यह परीक्षण किए जा रहे हैं।

सरकार ने उठाए हैं ये कदम
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मुताबिक एसडीजी 2030 लक्ष्य से पांच साल पहले देश से क्षय रोग का उन्मूलन करने संबंधी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्पष्ट आह्वान के साथ रविवार को 71,000 से अधिक निक्षय मित्र आगे आए हैं। ये सभी टीबी का उन्मूलन करने संबंधी केंद्र सरकार की निक्षय योजना के तहत पोषण संबंधी सहायता और अन्य माध्यमों से 10 लाख से अधिक टीबी रोगियों की सहायता कर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि निक्षय मित्र टीबी रोगियों को केवल वित्तीय और पोषण संबंधी सहायता ही प्रदान नहीं करते, बल्कि निक्षय मित्र पोर्टल पर उनके साथ निजी रूप से जुड़कर उनकी समग्र भलाई भी सुनिश्चित करते हैं।

केंद्र सरकार ने तय किया 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया 'भारत का अपना स्वास्थ्य सेवा मॉडल साझा सामाजिक और राष्ट्रीय उत्तरदायित्वों से युक्त है। अन्य हितधारकों के सहयोग का लाभ उठा राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की सहायता करने में बहु-क्षेत्रीय संपर्क एक प्रमुख स्तंभ है। केवल अपने साझा प्रयासों और सहयोग से ही हम 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

त्रिपुरा के राज्यपाल बोले- मरीजों को प्रोत्साहित करना जरूरी
इधर, त्रिपुरा के राज्यपाल नल्लू इंद्रसेना रेड्डी का कहना है कि टीबी (तपेदिक) रोग को खत्म किया जा सकता है, लेकिन मरीज यह स्वीकार करने से डरते हैं कि वे टीबी से पीड़ित हैं। उन्हें डर है कि समाज उनका बहिष्कार करेगा। मरीजों को दवाएं लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें ठीक किया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने भी टीबी पर दिया था संदेश
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को मनाए जाने वाले विश्व क्षय रोग दिवस की पूर्व संध्या पर अपना संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा, 'यह दिवस हमें टीबी की शीघ्र पहचान, उपचार और रोकथाम के महत्व की याद भी दिलाता है। मैं सभी से भारत को क्षय-मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करने और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रयास करने का आग्रह करती हूं।'
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