पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड के तीन प्रमुख संगठनों ने दशकों पुराने नगा राजनीतिक मुद्दे के समाधान के लिए केंद्र सरकार के साथ संयुक्त रूप से बातचीत की पहल की है। इन नगा समूहों में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (NSCN) और नगा नेशनल काउंसिल (NNC) शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों नगा समूह 2024 में एक संयुक्त राजनीतिक प्रयास के लिए एक साथ आए हैं। एकजुट होने का फैसला तीनों समूहों ने एक बैठक में लिया। इसका मकसद दशकों पुराने नगा राजनीतिक मुद्दे का समाधान करना है।
2024 में संयुक्त राजनीतिक प्रयास के लिए मिलाया हाथ
बैठक में अकाटो चोफी के नेतृत्व वाले नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन), खांगो के नेतृत्व वाले एनएससीएन और जेड रॉयिम के नेतृत्व वाले नगा नेशनल काउंसिल (एनएनसी) के नेताओं ने भाग लिया। ये तीनों विभाजित समूह हैं। अकाटो ने कहा, कि तीनों समूह 2024 में एक संयुक्त राजनीतिक प्रयास के लिए एक साथ आए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वे बातचीत करने के अपने फैसले के साथ पहले ही केंद्र से संपर्क कर चुके हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हमने पहले भी अलग-अलग पहल की है, लेकिन अब नगा मुद्दे पर एक संयुक्त प्रयास करेंगे।
उन्होंने यह भी साफ किया कि वे केंद्र के साथ नगा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप्स (डब्ल्यूसी-एनएनपीजी) की कार्य समिति की ओर से की जा रही बातचीत से अलग वार्ता करेंगे। एनएनपीजी केवल सात समूहों से बना है जबकि अन्य नगा समूहों को छोड़ दिया गया है। उन्होंने एलान किया कि तीनों समूह नगा समुदाय के हित के लिए समान विचारधारा वाले संगठनों का उनके साथ जुड़ने का स्वागत करते हैं।
समान विचारधारा वाले लोगों का समर्थन
गौरतलब है कि केंद्र के साथ नगा नेशनल पॉलिटिकल ग्रुप्स (डब्ल्यूसी-एनएनपीजी) की कार्य समिति की बैठक अलग से हो रही है। एनएनपीजी में केवल सात नागा ग्रुप शामिल हैं। अकाटो ने कहा, वार्ता में शामिल तीनों समूह नगा समुदाय के हित में काम करने वाले लोगों का समर्थन लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले संगठनों का उनके साथ जुड़ने का स्वागत करते हैं।