एनडीए से अगल होने के बाद राजधानी दिल्ली की पहली यात्रा पर आए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू अपने खास मिशन पर हैं। वह अपनी इस यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आंध्र के लोगों को न्याय दिलाने के लिए लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
नायडू ने कहा कि आंध्र के लिए न्याय की मांग, केंद्र सरकार पर दबाव डालेगा। इस यात्रा के दौरान वह अपने साथ प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों के साक्ष्य के तौर पर वीडियो लिए हुए हैं जिसमें पीएम ने विभाजन के बाद एक नए राज्य का निर्माण करने में मदद करने का वादा किया था। इन साक्ष्यों के आधार पर वह यह साबित करना चाह रहे हैं कि मोदी सरकार ने देश को धोखा दिया है।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर मुख्यमंत्री पूछ रहे हैं कि केंद्र अपने वादों को पूरा करने में क्यों विफल रहा और क्यों बीजेपी ने आंध्र के लोगों की बदनामी करके जनता का ध्यान आकर्षित किया है? उन्होंने कहा कि मैं अपने राज्य के लिए लड़ रहा हूं कांग्रेस ने राज्य का विभाजन करके अन्याय किया है। आंध्र को अपमान का सामना करना पड़ा, जिसके कारण हम भाजपा के साथ गठबंधन करने गए।
चार सालों में, मैंने 29 बार दिल्ली का दौरा किया है, फिर केंद्र सरकार देरी कर रहा है, जिन कारणों को हम नहीं जानते हैं। मैंने पिछले बजट तक इंतजार किया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा नहीं किया। दिल्ली में नए राजनीतिक मित्र बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं न्याय की मांग कर रहा हूं और दिल्ली इसके लिए सही जगह है। मैं केंद्र पर दबाव डालने का काम जारी रखूंगा।
गौरतलब है कि सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र के खिलाफ अपनी पार्टी टीडीपी द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव पर समर्थन हासिल करने के अपने प्रयासों के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बुधवार को मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने दक्षिणी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा (एससीएस) देने के वादे पर भी चर्चा की।
तेलुगू देशम पार्टी के राज्यसभा सांसद सीएम रमेश ने बताया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में उनकी पार्टी के सदस्य टीडीपी का समर्थन करेंगे। लोकसभा में ‘आप’ के चार और राज्यसभा में तीन सदस्य हैं। आंध्र प्रदेश को एससीएस का दर्जा देने में केंद्र की असमर्थता के बाद पिछले महीने टीडीपी ने एनडीए से अपना समर्थन वापस ले लिया था। पार्टी ने इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया है।