म्यांमार में सैन्य क्रूरता से बचकर सैकड़ों बागी पुलिसकर्मी गुपचुप तरीके से भारत का रुख कर रहे हैं। इनकी मदद के लिए सीमा के दोनों तरफ कार्यकर्ता और स्वयंसेवक दिन-रात काम कर रहे हैं, जिसे सीक्रेट नेटवर्क नाम दिया गया है। यह नेटवर्क कार, बाइक मुहैया कराने से लेकर घने जंगल और पहाड़ों से लोगों को तस्करी वाले रास्तों के जरिए लाने में जुटा है। सीमा पार हो जाने पर भारत में स्थानीय कार्यकर्ता इन लोगों को भोजन और आवास सुविधा दे रहे हैं।
कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे म्यांमार में सेना द्वारा पकड़े जाने के डर से चोरी-छिपे भारत आए हैं। अपने देश में हालात को देखते हुए कुछ लोगों ने कहा है कि वे दोबारा म्यांमार जाना ही नहीं चाहते। बताया जा रहा है कि ये लोग कई रातों तक बिना खाए-पीए और नींद लिए लगातार चलकर भारत पहुंच रहे हैं।