समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के एक दिन बाद रामगोपाल यादव ने कहा है कि अखिलेश यादव को फिर से यूपी का सीएम बनवाना ही उनका मकसद है। हालांकि उन्होंने अखिलेश यादव के साथ मिलकर नई पार्टी बनाने की अटकलों को खारिज कर दिया।
रामगोपाल ने सोमवार को मुंबई में कहा कि नई पार्टी बनाने का कोई सवाल ही नहीं है। जिनके पास कुछ नहीं है, वे नई पार्टी बनाने के बारे में सोचें। अखिलेश के पास सब कुछ है। जनता उनके साथ है। अखिलेश को अपना समर्थन जाहिर करते हुए रामगोपाल ने शिवपाल यादव और अमर सिंह को चुनौती दी कि वे उन पर लगाए गए आरोपों को जनता के बीच खुली सभा में बोलकर दिखाएं। फिर देखते हैं कि जनता उनका क्या हाल बनाती है।
अखिलेश की प्रशंसा करते हुए रामगोपाल ने कहा कि किसी अन्य पार्टी में मुख्यमंत्री के खिलाफ निजी हमला नहीं बोला जाता है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अखिलेश को पार्टी के अंदर से हमला झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा चुनावों में अखिलेश को सीएम बनवाने के लिए वह कोई कोर कसर बाकी नहीं रखेंगे।
मालूम हो कि भाजपा से साठगांठ करने के आरोप लगाते हुए रामगोपाल को सपा से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। शिवपाल यादव ने आरोप लगाया था कि रामगोपाल खुद को और अपने बेटे को सीबीआई जांच से बचाने के लिए भाजपा से साठगांठ कर रहे हैं।