आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अदाणी रिश्वत विवाद में उनका नाम घसीटे जाने के मामले में पहली बार सफाई दी है। राजधानी अमरावती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अमेरिकी अभियोजकों की तरफ से लगाए गए आरोपों में उनका नाम कहीं भी नहीं लिया गया है।
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और वाईएसआरसीपी के शीर्ष नेता वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को अपनी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान सौर ऊर्जा खरीद के लिए अदाणी समूह की तरफ से आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने के आरोपों का जोरदार खंडन किया और कहा कि इस मामले में अमेरिकी अदालत के अभियोग में उनका नाम कहीं भी नहीं था।
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सीएम के तौर पर मैं कई बार अदाणी से मिला- जगन
बता दें कि अदाणी विवाद शुरू होने के कुछ दिनों बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में जगन मोहन रेड्डी ने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश के सीएम के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई बार अदाणी से मुलाकात की थी, जो असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'इसमें कहीं भी उल्लेख नहीं है कि मुझे प्रोत्साहन की पेशकश की गई थी, क्योंकि कोई भी मुझे प्रोत्साहन नहीं दे सकता है। और व्यापारियों का राष्ट्राध्यक्षों से मिलना असामान्य नहीं है। वास्तव में यह एक सामान्य प्रथा है।
रिश्वत के आरोप सभी अफवाह हैं- जगन
उन्होंने आगे कहा कि रिश्वत के आरोप सभी अफवाह हैं और किसी ने भी यह नहीं कहा है कि जगन या किसी और ने रिश्वत ली है। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी पर अनुकूल सौर ऊर्जा अनुबंधों के बदले भारतीय अधिकारियों को 250 मिलियन अमरीकी डालर की रिश्वत देने की वर्षों पुरानी योजना में उनकी भूमिका के लिए अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया है, हालांकि अदाणी समूह ने इस आरोप का खंडन किया है।
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'कुछ समाचार पत्रों पर करूंगा मानहानि का मुकदमा'
जगन ने कहा कि वह कुछ स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों के खिलाफ कथित तौर पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और कहानियां प्रकाशित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। पूर्व सीएम ने कहा कि सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) के साथ बिजली आपूर्ति समझौते से राज्य को 25 वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। उन्होंने कहा कि समझौता एपी डिस्कॉम और एसईसीआई के बीच था और इसमें कोई तीसरा पक्ष नहीं था।
'सरकार का अदाणी समूह के साथ कोई सीधा समझौता नहीं'
इससे पहले भी, विपक्षी वाईएसआरसीपी ने कहा था कि उनकी सरकार का अदाणी समूह के साथ कोई सीधा समझौता नहीं है और 2021 में हस्ताक्षरित बिजली बिक्री समझौता एसईसीआई और एपी डिस्कॉम के बीच था। पिछले सप्ताह कहा गया था कि नवंबर, 2021 में एपी विद्युत नियामक आयोग की तरफ से 7,000 मेगावाट की बिजली खरीद को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद एसईसीआई और एपी डिस्कॉम के बीच 1 दिसंबर, 2021 को बिजली बिक्री समझौते (पीएसए) पर हस्ताक्षर किए गए थे।