प्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की छवि भले ही कट्टर हिंदू की हो, पर अनेक अवसरों पर वह मुस्लिमों के मसीहा के रूप में नजर आए हैं। बहुत से ऐसे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं जिनकी समस्याओं का निराकरण मंदिर में ही होता है। कई बार मुस्लिम समुदाय के लोगों ने योगी जिंदाबाद के नारे लगाए हैं।
पुराना गोरखनाथ निवासी जुनैद अहमद अंसारी बताते हैं कि 2014 में मोहल्ले की बड़ी जामा मस्जिद के पास कुछ लोगों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। उस मुहल्ले में अंसारी बिरादरी की संख्या सबसे अधिक है। जब अंसारी लोगों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उस समय सपा की सरकार थी और सत्ता पक्ष के लोग अंसारियों की मुखालफत कर रहे थे। जिस व्यक्ति ने रास्ता अवरुद्ध किया था वह न्याय विभाग से जुड़े व्यक्ति का रिश्तेदार था।
प्रशासन भी उसके दबाव में था। हम लोग महंत से मिले। उन्होंने प्रशासन के लोगों से कहा कि अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने खुद जाकर रास्ता देखा और उनकी उपस्थिति में वहां पर लगे ईंटों को उखाड़ कर फेंक दिया गया। वहां योगी जिंदाबाद के नारे लगने लगे।