पश्चिम बंगाल में खड़गपुर के पुरातन मुहल्ले के मुस्लिमों ने इस बार मुहर्रम का जुलूस नहीं निकाला। जुलूस के लिए इकट्ठे किए गए पैसे पड़ोस में रहने वाले हिंदू को इलाज के लिए दे दिए जो कि कैंसर की बीमारी से जूझ रहा है।
समाज संघ क्लब, खड़गपुर के पुरातन बाजार में मुहर्रम का जुलूस निकालता आ रहा है। इस बार भी जुलूस निकालने के लिए संघ ने 50,000 रुपए जमा किए थे। फिलहाल संघ ने भुनिया को 6000 रुपए दिए हैं। अबीर भुनिया 35 वर्ष के हैं, मुहल्ले में मोबाइल रिचार्ज की दुकान चलाते हैं।
उनके इम्यून सिस्टम में कैंसर है। उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन भी होना है। भुनिया का इलाज सरोज गुप्ता कैंसर सेंटर में चल रहा है। फिलहाल उनकी केमोथैरेपी चल रही है। उनके इलाज में करीब 12 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
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समाज संघ के सेक्रेटरी अमजद खान ने बताया कि 'हम हर साल मुहर्रम का जुलूस निकालते हैं लेकिन इस बार हमने किसी की जिंदगी को बचाने का निर्णय लिया। हमने फंड इकठ्ठा करने के लिए मस्जिद में नमाज के बाद इमाम से फंड के लिए घोषणा करवाई।
मुस्लिम पड़ोसियों की इस पहल पर अबीर ने कहा कि 'मैं नहीं जानता मेरा क्या होगा लेकिन पड़ोसियों की इस पहल ने मेरे दिल को छू लिया है।' अबीर ने पिछले साल ही मां-पिता और दादी को खोया है और फिलहाल अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं और दोनों को अपनी पहली संतान का इंतजार है।