कहां था मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
फरहत नकवी ने कहा कि जब उन्होंने यह लड़ाई लड़नी शुरू की तो उन्हें इस्लाम से बदर (बाहर) करने की धमकी दी गई। लेकिन उनके कदम नहीं रुके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तीन तलाक बिल अवश्य पास होगा। इसमें समय कुछ कम या ज्यादा भले ही लग जाये।
अब मुस्लिमों के रहनुमा होने वाले आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ राजनीतिक दलों को लगता है कि इसका श्रेय भाजपा को जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उस समय कहां था जब लाखों महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा था। तब उन्होंने अपने घर की इस बुराई को दूर करने की पहल क्यों नहीं की। बात-बात पर महिलाओं के खिलाफ फतवा जारी करने वाले मौलवी आतंकियों के खिलाफ फतवा क्यों जारी नहीं करते। उन्होंने बोर्ड से भी अपना हठ छोड़ बिल पास कराने में मदद की अपील की।
क्या होना चाहिए
फरहत नकवी ने कहा कि पारिवारिक मामले बहुत ज्यादा बढ़ गये हैं। अदालतों पर बोझ बढ़ रहा है। उनकी मांग है कि हर शहर में आबादी के अनुपात में परिवार अदालतों को गठित किया जाये। इन मामलों की एक निश्चित समय सीमा में सुनवाई पूरी होनी चाहिए। लंबे समय तक मुकदमा चलने से महिलाओं-बच्चों का जीवन नर्क हो जाता है।