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खेत, घोड़ा और खूनी हमला: एक हत्या से सुलगा पूरा पहाड़ी गांव; कहां का है मामला?

Fri, 31 Jul 2026 03:43 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, चेन्नई

सार

तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पूमबारई गांव में खेत में जानवर चराने को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दरांती से हुए हमले में एक किसान की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है।  
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हत्या - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के पहाड़ी गांव पूमबारई में गुरुवार को खेत में जानवर चराने को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 26 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि 24 वर्षीय एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और मामले में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

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क्या था पूरे विवाद की वजह?
पुलिस के अनुसार, पूमबारई में खेती ही लोगों की आजीविका का मुख्य साधन है। पिछले कई महीनों से स्थानीय किसान रघु और रामर के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि रामर का घोड़ा बार-बार रघु के खेत में घुसकर फसल चर जाता था, जिससे दोनों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था।

कैसे हुआ जानलेवा हमला?
बताया जा रहा है कि रघु ने कथित तौर पर रामर (26) और उसके साथी प्रशांत (24) को पूमबारई के पास एक खेत में बुलाया। वहां बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि रघु ने दरांती से दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में रामर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रशांत गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
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घटना के बाद इलाके में तनाव क्यों बढ़ गया?
चूंकि मृतक और आरोपी अलग-अलग समुदायों से संबंध रखते हैं, इसलिए घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। देर रात तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें कई दोपहिया वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इससे गांव में पहले से मौजूद तनाव और गहरा गया।

क्या आरोपी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया?
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रघु ने देर रात थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, मृतक के परिजनों और उसके समुदाय के 100 से अधिक लोगों का आरोप है कि वारदात को अंजाम देने में रघु अकेला नहीं था, बल्कि उसके कई साथी भी हमले में शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों की क्या मांग है?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसी मांग को लेकर उन्होंने शुक्रवार सुबह पूमबारई को मन्नावनूर समेत ऊपरी पहाड़ी गांवों से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत और शांति बहाल करने की कोशिश करते रहे, लेकिन पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई नहीं की और मामले की निष्पक्ष जांच भी नहीं कर रही है।

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फिलहाल इलाके की स्थिति कैसी है?
स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूमबारई और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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