Kerala: कांग्रेस नेता मुरलीधरन ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करने पर तिरुवनंतपुरम सांसद शशि थरूर की निंदा की। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने थरूर के नीलांबुर उपचुनाव के दौरान दिए गए बयान की भी आलोचना की और कहा कि मतदाताओं ने उनकी बात को नजरअंदाज किया। मुरलीधरन ने कहा कि थरूर के खिलाफ कार्रवाई का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा।
कांग्रेस नेता शशि थरूर की पहली बार उनके ही गृह राज्य से उनकी पार्टी के नेता खुलकर आलोचना की है। थरूर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की, जिसको लेकर मुरलीधरन ने उन पर निशाना साधा है। मुरलीधरन ने उनके बयान को निंदनीय बताया है। मुरलीधरन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, वह कांग्रेस की कार्य समिति के सदस्य हैं। यह काफी निंदनीय है कि कार्य समिति का सदस्य कांग्रेस के राजनीतिक विरोधी की लगातार प्रशंसा करता रहे, खासतौर पर चुनावी मौसम में।
एक दिन पहले एक अखबार में लेख में थरूर ने पीएम मोदी की प्रशंसा की थी। उन्होंने पीएम मोदी की उर्जा, सक्रियता और संवाद करने के इच्छा को वैश्विक मंच पर भारत के लिए संपत्ति बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री को और अधिक ससमर्थ मिलना चाहिए। थरूर ने प्रधानमंत्री की तारीफ ऐसे समय में की है, जब कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार की विदेश नीति की आलोचना कर रही है और यह आरोप लगा रही है कि भारत की कूटनीति कमजोर हो गई है और देश वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ गया है।
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मुरलीधरन ने नीलांबुर उपचुनाव के दिन थरूर की उस टिप्पणी की भी आलोचना की, जिसमें तिरुवनंतपुरम से सांसद ने कहा था कि इस बार उन्हें चुनाव प्रचार के लिए आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि पहले के चुनावों में बुलाया जाता था। मुरलीधरन ने इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष मुरलीधरन ने कहा कि मतदाताओं ने थरूर की बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा, नीलांबुर के लोगों ने उनकी बात को एक प्रतिशत भी महत्व नहीं दिया।
थरूर ने पहले कहा था, मैं वहां नहीं जाता जहां मुझे बुलाया नहीं जाता। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यूडीएफ के उम्मीदवार जीतेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाएगी। दिवंगत कांग्रेस नेता के करुणाकरण के पुत्र मुरलीधरन ने कहा, हम उनकी बातों को ज्यादा महत्व नहीं दे रहे हैं। हम आगे बढ़ रहे हैं।
थरूर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जरूरत है या नहीं, इस बारे में पूछे जाने पर मुरलीधरन ने कहा, कार्रवाई करनी है या नहीं..यह फैसला हाईकमान करे और हमें सूचित करे। पिछले हफ्ते तिरुवनंतपुरम में थरूर ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के कुछ लोगों के साथ उनके मतभेद हैं, लेकिन निलांबुर विधानसभा उपचुनाव के संदर्भ में उन्होंने उन पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, उसके मूल्य और उसके कार्यकर्ता उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।