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मुंबई की विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको इमारतें यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में 

Sun, 01 Jul 2018 05:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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मायानगरी सिर्फ सपनों का शहर नहीं है, बल्कि इसे शानदार वास्तुशिल्प के लिए भी पहचाना जाता है। शनिवार को दक्षिणी मुंबई में ‘विक्टोरियन गोथिक’ और ‘आर्ट डेको’ वास्तुशिल्प से बनी इमारतों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की गई। ये इमारतें सिर्फ मृत स्मारक नहीं हैं, बल्कि सिनेमा हॉल, अदालत, पुस्तकालय जैसे सार्वजनिक इस्तेमाल के कारण जिंदा धरोहर हैं।

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एलिफेंटा गुफाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन (विक्टोरिया टर्मिनस) के बाद क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के ओवल मैदान के इर्दगिर्द बनीं इमारतों को विश्व धरोहर घोषित करना मुंबई को मिला तीसरा सम्मान है। यूनेस्को ने ट्वीट किया, ‘मुंबई का विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एनसेंबल्स यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया गया। भारत को बधाई।’ 

20वीं शताब्दी में प्रचलन में था वास्तुशिल्प
भारत में 19वीं और 20वीं शताब्दी में सार्वजनिक इमारतों के निर्माण में विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको वास्तुशिल्प का इस्तेमाल किया जाता था। बहरीन के मनामा में शेख हाया बिन रशीद अल खलीफा की अध्यक्षता में 24 जून से यूनेस्को की बैठक चल रही है। इसकी विश्व धरोहर समिति के 42वें सत्र में मुंबई को लेकर फैसला किया गया। पिछले साल गुजरात के अहमदाबाद को भारत के पहले विश्व धरोहर शहर के तौर पर घोषित किया गया था। 
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हाईकोर्ट से लेकर पुलिस मुख्यालय तक शामिल
विश्व धरोहर में बांबे हाई कोर्ट, मुंबई विश्वविद्यालय, पुराना सचिवालय, एजीएमए, एल्फिंस्टन कॉलेज, डेविड सासून लाइब्रेरी, छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय, पश्चिमी रेलवे मुख्यालय, महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, राम महल, चर्चगेट का ईरोज सिनेमा हॉल, रीगल सिनेमा हॉल और मरीन ड्राइव के नजदीक पहली इमारत को शामिल किया गया है।  

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