मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर दो दिनों में पांच लोगों की अलग-अलग हादसों में मौत हो गई। चार घटनाएं थाणे जिले में और एक रायगढ़ जिले में हुई। पीड़ितों में कुछ पटरियों पर पैदल चल रहे थे तो कुछ ट्रेन से गिरकर हादसे का शिकार बने। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि लोग चेतावनियों की अनदेखी कर पटरियों पर शॉर्टकट लेते हैं, जिससे लगातार जानें जा रही हैं।
मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क एक बार फिर हादसों का गवाह बना है। दो दिनों में पांच लोगों की अलग-अलग रेल हादसों में मौत हो गई। ज्यादातर घटनाओं में लोग पटरियों पर चल रहे थे और तेज रफ्तार ट्रेनों की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से चार मौतें ठाणे जिले में और एक रायगढ़ जिले में हुई हैं।
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सोमवार शाम करीब 6.30 बजे रायगढ़ जिले के भिवपुरी और रेलवे स्टेशन के बीच तुषार गोविंद कुरले (28) की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। कर्जत रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। यह हादसा केंद्रीय रेलवे की लाइन पर हुआ।
कल्याण स्टेशन के पास हादसा
मंगलवार सुबह कल्याण स्टेशन के पास भी एक बड़ा हादसा हुआ। 30 वर्षीय राहुल उमेश सिंह भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में संतुलन खो बैठे और गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गए। उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस मामले में भी पुलिस ने केस दर्ज किया है।
खडवली और आसनगांव के बीच दुर्घटनाएं
इसी दिन सुबह करीब सात बजे थाणे जिले के खडवली स्टेशन के पास करीब 40 साल के एक अज्ञात व्यक्ति की एक्सप्रेस ट्रेन से टकराकर मौत हो गई। वहीं, दोपहर में शाहपुर निवासी और निजी बैंक में काम करने वाले 33 वर्षीय सुशांत सुरेश ठाकरे को कामाख्या एक्सप्रेस ने टक्कर मार दी। ठाकरे रोजाना ट्रेनों से सफर करते थे और घटना के समय ट्रैक पर पैदल चल रहे थे।
मंगलवार देर रात ठाणे जिले के ही भिवंडी और खरबाव स्टेशनों के बीच एक और हादसा हुआ। करीब 35 वर्षीय व्यक्ति घनी घास के कारण समय पर हट नहीं पाए और एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अधिकारियों की चेतावनी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लोग पटरियों को शॉर्टकट मानकर चलते हैं और सुरक्षा चेतावनियों को नजरअंदाज करते हैं। इसी लापरवाही के कारण ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी ट्रैक पर न चलें और केवल निर्धारित रास्तों का इस्तेमाल करें।