मुंबई और आसपास इलाकों में 12 अक्तूबर को बिजली गुल होने की घटना कास्केड ट्रिपिंग के चलते हुई थी। मामले में केंद्रीय टीम की मदद कर रही टाटा पावर ने शुक्रवार को कहा, महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी के सब स्टेशन और लाइन में ट्रिपिंग के चलते यह समस्या हुई थी। कालवा के 400 केवी ट्रांसमिशन सिस्टम में यह खराबी आई थी। स्टेशन में चार लाइनें आती हैं, जिनसे शहर में बिजली की आपूर्ति होती है। इनमें से एक लाइन 10 अक्तूबर से बंद थी।
12 अक्तूबर को सुबह 400 केवी की कालवा पाडघे लाइन 1 में खराबी के चलते इसे आपात स्थिति में बंद करना पड़ा। हालांकि खराबी को साढ़े नौ बजे तक ठीक करना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। इससे बिजली की मांग आपूर्ति से ज्यादा हो गई और बाकी दो लाइनों पर भी इसका असर हुआ। ओवरलोडिंग के कारण 10:05 बजे चारों लाइनें ट्रिप हो गई और मुंबई समेत आसपास के इलाकों में बिजली गुल हो गई।