फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीआरपी घोटाला: रिपब्लिक टीवी के सीएफओ को मुंबई पुलिस का समन

Sat, 10 Oct 2020 04:03 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
विज्ञापन
मुंबई पुलिस - फोटो : ANI
विज्ञापन

फर्जी टीआरपी घोटाला मामले में मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) एस सुंदरम को समन जारी किया है। बताया गया है कि सीएफओ शनिवार को मुंबई पुलिस के सामने पेश हो सकते हैं।

विज्ञापन


मुंबई पुलिस ने टीआरपी रैकेट में शामिल फक्त मराठी और बॉक्स सिनेमा के कुछ अन्य अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा है। इससे पहले इन दोनो टीवी चैनल के मालिकों को गिरफ्तार किया गया था।

कोर्ट ने उन्हें 13 अक्तूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मुंबई पुलिस ने विज्ञापन देने वाली एजेंसियों के कुछ अधिकारियों को भी तलब किया है। उधर, मुंबई पुलिस की पड़ताल में हंसा रिसर्च के पूर्व कर्मचारी विशाल भंडारी की डायरी से कई खुलासे होने की जानकारी सामने आ रही है।
विज्ञापन


कहा जा रहा है कि पुलिस को मिली इस डायरी में कई घरवालों के नाम दर्ज हैं जिन्हें अमुक टीवी देखने के लिए पैसे दिए जा रहे थे।

तीस हजार रुपये का है टीआरपी का खेल- संजय राउत
शिवेसना प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया है कि टीआरपी का खेल सामान्य घोटाला नहीं है। यह पूरा 30 हजार करोड़ रुपये का घोटाला है। यह बदले की कार्रवाई नहीं है। मुंबई पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने खुद इस घोटाले का पर्दाफाश किया है तो उनके पास जरूर कोई ठोस सबूत होगा। राउत ने कहा कि जो चैनल महाराष्ट्र के नेताओं पर छींटाकशी कर रहा था उसकी असलियत उजागर हो गई है।

बदले की कार्रवाई को लेकर राउत ने आरोपों को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मुंबई पुलिस ने टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) में छेड़छाड़ करने वाले रैकेट का पर्दाफाश बदले की कार्रवाई के तहत किया।

मुंबई पुलिस के कमिश्नर परमबीर सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर टीवी चैनलों में टीआरपी फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। राउत ने कहा, मुंबई पुलिस ने इस घोटाले का खुलासा करने के लिए साहसिक कदम उठाया है।

राउत ने आगे कहा कि यह तो महज शुरुआत है। सब कुछ जल्द सामने आ जाएगा। यह घोटाला करीब 30 हजार करोड़ रुपये का है और लोग चुप क्यो हैं? इन सब के पीछे कौन है? यह पैसा कहां से आया? मुंबई पुलिस पेशेवर तरीके से काम करती है। कोई कदम बदले या विद्वेष की भावना से नहीं उठाया जाएगा, लेकिन जिस तरह से चैनलों ने महाराष्ट्र सरकार और ठाकरे परिवार को निशाना बनाया, क्या वह दुर्भावनापूर्ण नहीं है?
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें