एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने बुधवार को दावा किया कि मुंबई पुलिस ने बारामती विमान हादसे के संबंध में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस इनकार ने दुर्घटना के आसपास के संदेह को और गहरा कर दिया है। बारामती विमान हादसे में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हो गई थी।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार और सरकारी तंत्र किसी को संरक्षण देते हुए प्रतीत हो रहे थे। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को वीएसआर वेंचर्स के चार विमानों को उड़ान भरने से रोकने का निर्देश दिया। इस कंपनी का विमान 28 जनवरी को बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।
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ऑडिट टीम को मिलीं संचालन में कई खामियां
लियरजेट 45 विमान (VT-SSK) के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विमानन नियामक ने वीएसआर वेंचर्स का एक विशेष सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया था। ऑडिट टीम ने विमान की उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा और उड़ान संचालन के क्षेत्र में अनुमोदित प्रक्रियाओं के कई अनियमितताएं देखीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर रोहित पवार ने दावा किया, 'अजीतदादा के विमान दुर्घटना के संबंध में उचित कार्रवाई की प्रतीक्षा करते हुए कल डीजीसीए की रिपोर्ट आई, जिसमें कहा गया है कि यह दुर्घटना वीएसआर कंपनी की लापरवाही के कारण हुई थी।'
रोहित पवार का दावा- पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर
हालांकि, इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने पार्टी के एमएलसी अमोल मितकारी, इदरीस नाइकवाड़ी और विधायक संदीप क्षीरसागर के साथ दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन जाकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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उन्होंने दावा किया कि जब उनका बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बजाय उनके आवेदन को केवल औपचारिकता के रूप में स्वीकार कर लिया।
एनसीपी (एसपी) विधायक ने कहा, 'पुलिस के आचरण ने विमान दुर्घटना को लेकर हमारे संदेह को और भी बढ़ा दिया है। विपक्ष और सत्ताधारी दोनों दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की मांग के बावजूद अगर पुलिस एफआईआर दर्ज करने की मांग को नजरअंदाज कर रही है, तो यह महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।'
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