सीएए व एनआरसी के खिलाफ बीते जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गेटवे ऑफ इंडिया पर आजाद कश्मीर का पोस्टर लहराने की आरोपी महिला महक मिर्जा प्रभु को बड़ी राहत मिली है। महक के खिलाफ दर्ज मामले में मेट्रोपोलिटन कोर्ट में ‘सी-समरी’ रिपोर्ट दाखिल कर मुंबई पुलिस ने अपनी गलती स्वीकार की है।
पोस्टर लहराने की आरोपी महिला महक मिर्जा प्रभु को मिली बड़ी राहत
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुलिस ‘सी-समरी’ रिपोर्ट उस मामले में जारी करती है जब तथ्यों की चूक की वजह से आपराधिक मामला दर्ज कर लिया जाता है या अपराध दीवानी प्रकृति का होता है। जेएनयू में हुई हिंसा और सीएए व एनआरसी के खिलाफ सात जनवरी को गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन के लिए करीब दो हजार लोग जमा हुए थे जिनमें अधिकतर कॉलेज छात्र थे।
इसी दौरान ‘आजाद कश्मीर’ लिखे बड़े पोस्टर लहराती हुई महक मिर्जा प्रभु की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस मामले में महक मिर्जा प्रभु के खिलाफ दक्षिण मुंबई के कोलाबा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी के तहत मामला दर्ज किया गया था।
36 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, 29 को मिली जमानत
पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले में पुलिस ने गेट वे ऑफ इंडिया पर हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में 36 लोगों के खिलाफ सोमवार को चार्जशीट दायर की थी। जिसमें शहर के कुछ वकीलों और कार्यकर्ताओं के नाम हैं। मामले में अभी तक 29 आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
यही है शिवसेना का असली चेहरा : भाजपा
गेट वे ऑफ इंडिया पर आजाद कश्मीर का पोस्टर लहराने वाली महक मिर्जा प्रभु को क्लीनचिट मिलने के बाद भाजपा ने कहा है कि शिवसेना का यही असली चेहरा है। पूर्व मंत्री भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा, लगता है महाविकास आघाड़ी सरकार टुकड़े-टुकड़े गैंग की समर्थक है। उन्होंने कहा उद्धव ठाकरे की सरकार अर्बन नक्सलियों के लिए रेड कार्पेट बिछा रही है।