फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

TRP Scam: 15 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में रहेंगे रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी

Sun, 13 Dec 2020 08:20 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
टीआरपी घोटाला: रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
विज्ञापन

मुंबई पुलिस ने रविवार को रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी को कथित टेलीविजन रेटिंग पाइंट (टीआरपी) घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। फर्जी टीआरपी घोटाला अक्तूबर में सामने आया था, जब रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के माध्यम से एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ टेलीविजन चैनल टीआरपी के आंकड़ों में हेराफेरी कर रहे हैं।

विज्ञापन

 

हंसा, बार्क की उन कंपनियों में शामिल है, जो घरों में देखे जाने वाले चैनलों व दर्शक संख्या आदि को लेकर शोध करती है। टीआरपी, चुनिंदा घरों में दर्शकों के डाटा को रिकॉर्ड करके मापता है, जो विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। पुलिस के अनुसार इन घरों में से कुछ को रिपब्लिक टीवी और कुछ अन्य चैनलों को देखने के लिए रिश्वत दी जा रही थी।

विकास खानचंदानी 15 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में
रिपब्लिक टीवी के सीईओ विकास खानचंदानी को कथित टीआरपी हेरफेर मामले में 15 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
 




टीआरपी फर्जीवाड़े में विकास खानचंदानी समेत अब तक कुल 13 को गिरफ्तार किया जा चुका है। हंसा रिसर्च के अधिकारी नितिन देवकर की शिकायत पर मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 6 अक्तूबर का केस दर्ज किया था। 
विज्ञापन


रिपब्लिक टीवी फिर मुश्किल में
सीईओ की गिरफ्तारी के साथ रिपब्लिक टीवी फिर मुश्किल में है। पिछले माह इसके संपादक अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने एक इंजीनियर के सुसाइड मामले में गिरफ्तार किया था। इस पर काफी बवाल हुआ था। गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा किया है। 

विज्ञापन

रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउ के खिलाफ बॉलीवुड निर्माताओं की याचिका पर कल सुनवाई

बॉलीवुड के कुछ निर्माताओं की उस याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय सोमवार को सुनवाई करेगा, जिसमें रिपब्लिक टीवी तथा टाइम्स नाउ को फिल्म उद्योग के खिलाफ कथित ‘‘गैर जिम्मेदाराना, अपमानजनक और मानहानिकारक’’ टिप्पणियां करने और उद्योग के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर ‘मीडिया ट्रायल’ करने से रोकने की मांग की गई है।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने इससे पहले मीडिया प्रतिष्ठान एजीआर आउटलाइनर मीडिया प्राइवेट लि. और बेनेट कोलमन ऐंड कंपनी लिमिटेड को यह सुनिश्चित करने निर्देश दिया था कि किसी भी किस्म की मानहानिकारक सामग्री न तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाली जाए और न ही उनके चैनलों पर दिखाई जाए। न्यायमूर्ति शकधर ने इन मीडिया संस्थानों को नोटिस जारी किए थे।

बॉलीवुड निर्माताओं की याचिका पर अदालत ने रिपब्लिक टीवी, उसके प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और संवाददाता प्रदीप भंडारी, टाइम्स नाउ के प्रधान संपादक राहुल शिवशंकर तथा समूह संपादक नविका कुमार, सहायक मीडिया कंपनियों गूगल, फेसबुक तथा ट्विटर से जवाब मांगे।

यह याचिका बॉलीवुड के चार संगठनों और 34 निर्माताओं ने दायर की है, जिनमें आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान, करण जौहर, अजय देवगन, अनिल कपूर, रोहित शेट्टी, यशराज फिल्म्स और आर. एस. एंटरटेनमेंट शामिल हैं। याचिका में चैनलों को उद्योग से जुड़े लोगों के निजता के अधिकार में हस्तक्षेप से रोकने का भी अनुरोध किया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें