मुंबई में भायंदर के गणेश देवल नगर झुग्गी इलाके में रहने वाले 32 वर्षीय युवक को आयकर विभाग का नोटिस मिला है। आयकर विभाग ने 5.4 करोड़ रुपये का टैक्स न भरने के आरोप में रवि जैसवाल को नोटिस भेजा है। आयकर विभाग के नोटिस के मुताबिक आरोपी जैसवाल चार कंपनियों का मालिक है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जांच में अब तक पता चला है कि जैसवाल के पैन और आधार कार्ड नंबर का इस्तेमाल चार कंपनियों को शुरू करने में किया गया। ये कंपनियां फर्जी बताई जा रही हैं। चारों कंपनियां नोटबंदी के बाद शुरू की गईं। भायंदर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर राजेंद्र कांबले के मुताबिक फर्जी कंपनियों के नाम शायांश कॉर्पोरेशन, जेम रेडटेक, स्टेट फोर्ड टैक्सटाइल्स और पुर्वी रिएलिटी हैं।
नोटिस पाने वाले आरोपी जैसवाल ने पुलिस को बताया कि उसने 2008 में कांदिवली में राजेश अग्रवाल नाम के चार्टर्ड अकाउंटेंट की निजी फर्म में नौकरी की थी, तब उससे बैंक खाता खुलवाने के लिए पैन और आधार नंबर मांगा गया था। लेकिन उसे सैलरी कैश ही दी जाती थी। 2012 में उसने अग्रवाल को छोड़कर दूसरी जगह नौकरी कर ली।