जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद पर एफआईआर दर्ज की गई है और साथ ही मुंबई में होने वाले जिग्नेश के कार्यक्राम को भी रद्द कर दिया गया है। दरअसल, महाराष्ट्र में फैली हिंसा ने बुधवार को इस कदर उग्र रूप ले लिया था कि इसकी आंच राज्य के 18 जिलों में फैल गई। पुणे से निकली आग में महाराष्ट्र की कई बसे खाक हो गईं और इस वजह से हालात पर काबू पाने के राज्य के कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई।
वहीं डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश आंबेडकर सहित आठ संगठनों ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया। प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने न्यायिक जांच के जो आदेश दिए गए हैं वो उन्हें मंजूर नहीं हैं।
हिंसक घटनाओं को देखते हुए औरंगाबाद में धारा-144 लागू कर दी गई है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई। नासिक में दलित संगठनों ने सड़कें जाम कीं और मुंबई में रेल रोको आंदोलन किया।