अधिकारी ने बताया कि गिरोह रविवार को एक रेस्तरां में घुसा और पीड़ित को धमकी दी कि अगर उसने उन्हें 50 लाख रुपये नहीं दिए तो वह उसे मादक पदार्थ के मामले में फंसा देगा। उन्होंने उसका अपहरण किया और तय किया कि वह उन्हें 5.30 लाख रुपये और एक मोबाइल फोन दे।
उन्होंने बताया कि आरोपी पूरी रात कार को शहर में घुमाते रहे। कारोबारी ने आरोपी को जो 20 लाख रुपये का चेक दिया था, उसे तकनीकी कारणों से रद्द नहीं किया जा सका। अधिकारी ने कहा, उन्होंने उन्हें अंधेरी में एक स्थान पर जाने की अनुमति दी, जहां से उन्होंने वर्सोवा पुलिस थाने से संपर्क किया जहां मामला दर्ज किया गया।
बांद्रा इकाई नौवीं के वरिष्ठ निरीक्षक दया नायक ने बताया कि इसी तरह के मामले की जांच कर रही अपराध शाखा की एक टीम मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल रही। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी दीपक जाधव एक हिस्ट्रीशीटर है जिस पर पुणे में एक फर्म में डकैती, अंधेरी के डीएन नगर इलाके में अपहरण और चूनाभट्टी में दो अपराधों का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, जाधव ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और अपने पांच सहयोगियों की भूमिका का खुलासा किया है और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। उसे सोमवार को अदालत में पेश किया गया और उसे 15 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।