मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और भारतीय निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया। नोटिस में उनसे 2019 के लोकसभा चुनाव में गडकरी के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना जवाब देने को कहा है।
कांग्रेस के नेता नाना पटोले, वंचित बहुजन अघाड़ी के उम्मीदवार मनोहर डबरासे और नफीस खान ने निर्वाचन प्रक्रिया में चुनावी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए याचिकाएं दायर की थीं। जिनकी सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर की एकल पीठ ने नोटिस जारी किया है। पटोले और डबरासे इस साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव में गडकरी के खिलाफ खड़े हुए थे। भाजपा उम्मीदवार ने पटोले को 1.97 लाख मतों के अंतर से हराया था।
पटोले ने आरोप लगाया है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। डबरासे ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान त्रुणिपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का प्रयोग किया गया था। याचिकाकर्ताओं के वकील की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति चंदुरकर ने गडकरी, निर्वाचन आयोग और उस आयुक्त को नोटिस जारी किए है जो नागपुर के लिए निर्वाचन अधिकारी थे। अदालत ने उन्हें इन याचिकाओं में लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए शपथपत्र दायर करने को कहा। अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 22 अगस्त की तिथि तय की है।