मुंबई में बीते शुक्रवार से हो रही भारी बारिश की वजह से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मुंबई और उसके आस-पास इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की वजह से कई जगहों पर जल-भराव हो गया है और कुछ मार्गों पर रेल की पटरियां पानी में डूब गई हैं। बारिश की वजह से ट्रेनों की रफ्तार भी धीमी हो गई है। महाराष्ट्र के शिक्षामंत्री ने भारी बारिश की वजह से मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के सभी स्कूल और कॉलेज को बंद करने का आदेश दे दिया है। कई सड़कों पर पानी भरने की वजह से यातायात प्रभावित है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटों में कोलाबा 170.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जो इस मौसम की सर्वाधिक है।
वहीं दहाणु में सुबह 5:30 बजे तक 308 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। विभाग के अनुसार सोमवार शाम तक बारिश के तेज होने की संभावना है। साथ ही अगले 24 से 48 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने घाटकोपर का रोड ओवर ब्रिज यातायात के लिए बंद करवा दिया है। अधिकारी के अनुसार, 'एहतियातन उपाय अपनाते हुए घाटकोपर इलाके के एक रोड ओवर ब्रिज को बंद कर दिया गया है क्योंकि उसका उत्तरी विभाग असुरक्षित हालत में है। इस फुटपाथ को मरम्मत के कार्य के लिए बंद कर दिया गया है।' यह फैसला खंभे में दरार देखे जाने के बाद लिया गया।
एक अधिकारी ने कहा, 'यह अतिरिक्त बोझ से दबा हुआ है। इस फुटपाथ से अतिरिक्त 400 एमएम मोटाई की एक अतिरिक्त फर्श बनानेवाले ब्लॉक, उपयोगी केबल्स और पानी की पाइपलाइन होकर गुजरती है। रेलवे ने बीएमसी से कहा है कि वह ब्रिज पर जारी बोझ को कम करे और ब्रिज की मरमम्त करे।' इस ब्रिज के नीचे से लंबी दूरी की और स्थानीय ट्रेनें गुजरती हैं। यह ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को एलबीएस मार्ग से जोड़ता है और साकी नाका को लिंक प्रदान करता है। रेलवे चाहती है कि इस फुटपाथ की मोटाई केवल 100 एमएम रहे। इसका मरम्मत कार्य रविवार दोपहर को शुरू हुआ जिसकी देखरेख बीएमसी के इंजीनियर कर रहे हैं।
भारी बारिश की वजह से परेल, धारावी, माटुंगा और मुंबई में किंग सर्किल और दिवा, डोम्बिवली, कल्याण और अंबरनाथ सहित पड़ोसी ठाणे जिले के शहरों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में दिन के बाद भारी बारिश होने की आशंका जताई है। विभाग ने मुंबई में 2005 जैसी बारिश होने की संभावना जताई है। उस समय बारिश ने देश की आर्थिक राजधानी को थमने पर मजबूर कर दिया था और आम जन-जीवन काफी प्रभावित हो गया था।
इससे पहले रविवार को पालघर के चिनछोटी झरने पर पिकनिक मनाने गए करीब 120 लोग भारी बारिश के चलते फंस गए थे। उनके बचाव की सारी कोशिशें विफल रहने पर वायुसेना को बुलाना पड़ा था। मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर पालघर जिले के तुंगारेश्वर पहाड़ी क्षेत्र में चिनछोटी झरने पर पिकनिक मनाने गए लोग उस वक्त मुसीबतों से घिर गए जब भारी बारिश से पानी का बहाव एकाएक तेज हो गया था। इसके बाद 97 लोगों को स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने गहन अभियान चलाकर बचाया।