देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून ने बुधवार को दस्तक दे दी है। तेज बारिश के कारण मायानगरी में हर जगह पानी ही पानी नजर आया। मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन का संचालन बाधित हुआ और चार सबवे भी बंद करने पड़े। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिले में अगले चार दिनों तक भारी से भीषण बारिश का रेड अलर्ट जारी किया।
मुंबई के निचले इलाके बुधवार को सुबह से हुई भारी बारिश से जलमग्न हो गए। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल पर पटरियां पानी में डूब गईं। जिस कारण ठाणे और वाशी के लिए लोकल ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। इसी तरह बेस्ट बसों का रूट भी परिवर्तित करना पड़ा। महानगर के चार सबवे भी पानी भरने के कारण बंद करने पड़े।
यही नहीं निचले इलाकों में लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर 2:30 बजे तक सांताक्रूज में 164.8 एमएम बारिश हुई। इस बीच समुद्र में 4 मीटर से ऊंची लहरें उठी। मुंबई मे जलजमाव की स्थिति के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बीएमसी आपदा नियंत्रण पहुंचे और अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया। ठाकरे ने ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पालघर के जिलाधिकारियों से भी बात की।
एक दिन पहले ही झमाझम
मुंबई में मानूसन आमतौर पर हर बार दस जून को दस्तक देता है। लेकिन इस बार एक दिन पहले ही मायानगरी में झमाझम हो गई। मौसम विज्ञान विभाग (आईएडी) मुंबई कार्यालय के प्रमुख डॉ. जयंत सरकार ने कहा, मानसून आ चुका है। अगले 48 घंटे में मुंबई शहर व उपनगर में मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से भीषण बारिश की संभावना है।
पहली बारिश में खुली बीएमसी की पोल
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने इस साल 104 फीसदी नाला सफाई का दावा किया था। लेकिन पहली ही बारिश में बीएमसी की पोल खुल गई। बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने कहा, मुंबई में दोपहर तक 140 से 160 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। कई स्थानों पर एक घंटे में ही 60 एमएम बारिश हुई। ड्रेनेज की क्षमता कम होने के कारण स्वाभाविक है कि जलभराव होगा। वहीं, एक दिन पहले तक शत प्रतिशत नाला सफाई का दावा करने वाली महापौर किशोरी पेडणेकर ने कहा, हमने यह दावा नहीं किया था कि बारिश में मुंबई नहीं डूबेगी।
जलभराव में सियासी नाव भी चली, भाजपा का बीएमसी में 1000 करोड़ के घोटाले का आरोप
मुंबई के जलमग्न होने पर विपक्षी दल भाजपा ने बीएमसी में सत्ताधारी दल शिवसेना पर जोरदार हमला बोला है। पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा, पहली ही बारिश में लोगों के घरों में पानी भर गया और कट-कमीशन उजागर हो गया है। मुंबई में बड़े नालों की सफाई में हर साल 70 से 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। जो पांच साल में 500 करोड़ रुपये हुआ। इसके अलावा छोटे नाले, स्टार्म वॉटर ड्रेनेज और उसकी मरम्मत में भी हर साल 100 करोड़ खर्च होते हैं। फिर भी मुंबई हर साल जलमग्न हो जाती है। बीते पांच साल में 1,000 करोड़ का घोटाला हुआ।
हाई टाइड की चेतावनी के चलते बंगाल में 4000 लोग निकाले गए
11 व 26 जून को हाई टाइड की चेतावनी के बाद पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के मौसूनी और घोरामारा द्वीप से 4,000 से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इनमें 3,000 लोग मौसूनी और 1,100 लोग घोरमारा से निकाले गए।