महाराष्ट्र में कर्जमाफी और फसल की अच्छी कीमत मिलने की मांग कर रहे किसानों पर अब राज्य सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने किसानों के उग्र होते आन्दोलन पर काबू पाने के लिए नासिक के एक हिस्से में धारा- 144 लगा दी है। इसके अलावा किसानों ने महाराष्ट्र के शिर्डी, नासिक, पुणे, सातारा और कोल्हापुर जिले में दूध बांट और सड़क पर फेंक कर विरोध प्रदर्शित किया है। किसानों की हड़ताल के चलते राज्य में दूध, फल और सब्जी की किल्लत बढ़ने लगी है।
मुंबई की सबसे बड़ी एपीएमसी बाजार में सब्जियों की आवक आंदोलन की वजह से 30 फीसदी और पुणे में आवक 50 फीसदी घट गई। आंदोलन कर रहे किसानों ने फड़णवीस सरकार से कहा है कि उत्तरप्रदेश सरकार की तरह कर्ज माफ करो अन्यथा मुंबई जैसे बड़े शहरों को दूध और सब्जी की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
महाराष्ट्र में कर्ज से वंचित किसानों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। दरअसल, मामला कर्ज माफी का है। किसानों ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूर्ण कर्ज माफी की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एक महीने का वक्त मांगा।
किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्ज माफी की मांग पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे सके। इस वजह से हम लोग बैठक को बीच में छोड़कर बाहर चले आए। ऐसे में हमने तय किया कि हम आज से हड़ताल पर जाएंगे। जिसके बाद किसानों ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में राजमार्ग पर दूध गिराकर विरोध किया।
#WATCH: Man distributes milk in Maharashtra's Shirdi as a part of farmers' protest demanding crop loan waiver and better procurement prices pic.twitter.com/Nz8ZAyklzW
— ANI (@ANI_news) June 2, 2017