लंदन में 6 मई को किंग चार्ल्स तृतीय और रानी का राज्याभिषेक होगा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद से ही किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही हैं। राज्याभिषेक से पहले मंगलवार को पश्चिमी भारत के ब्रिटिश हाई कमिश्नर एलन जेम्मेल ने उनके सम्मान में मुंबई में एक कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम में टाटा समूह के वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए, जो इस आयोजन के प्रमुख प्रायोजक थे। इनके अलावा कार्यक्रम में राज्य सरकार के गणमान्य व्यक्ति, राष्ट्रमंडल देशों के महावाणिज्यदूत, व्यापारिक नेता और गैर सरकारी संगठन के सदस्य भी शामिल हुए। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने ट्वीट कर कहा, हम महामहिम राजा और महारानी के राज्याभिषेक से पहले एक उत्सव कार्यक्रम कर रहे हैं। राष्ट्रमंडल देश और मुंबई के हमारे सभी दोस्तों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पश्चिमी भारत के हाई कमिश्नर एलन जेम्मेल ने कहा, हमारे नए राजा और रानी का राज्याभिषेक का जश्न पूरे ब्रिटेन में 14 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड के महावाणिज्य राजदूत इस विशेष क्षण को चिह्नित करने के लिए मुंबई राजनयिक कोर और यूनाइटेड किंगडम के कई मित्र शामिल हुए। 6 मई को राज्याभिषेक यूनाइटेड किंगडम के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जिसमें विश्व के नेता ऐतिहासिक समारोह का जश्न मनाने के लिए भाग लेते हैं। किंग चार्ल्स द्वितीय को यूके और 14 अन्य स्वतंत्र क्षेत्रों के राजा का ताज पहनाया जाएगा, जिनमें से वह राज्य के प्रमुख भी हैं। किंग चार्ल्स इस अवसर का उपयोग अपने जुनून यानी युवा, समुदाय, विविधता और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए करेंगे। किंग चार्ल्स तृतीय ने भारत की 10 आधिकारिक यात्राएं की हैं, नवंबर 2019 में उन्होंने टिकाऊ बाजारों, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक वित्त पर ध्यान देने के साथ ब्रिटिश-भारत संबंधों को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली और मुंबई का दौरा किया था।
मुंबई डब्बावाले गिफ्ट के तौर पर भेंट करेंगे पगड़ी और शॉल
मुंबई के डब्बावालों ने 6 मई को राज्याभिषेक समारोह से पहले ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय के लिए गिफ्ट के तौर पर पुनेरी पगड़ी और वारकरी समुदाय का एक शॉल खरीदा। मुंबई डब्बावालों के प्रवक्ता विष्णु कलडोक ने कहा कि ब्रिटिश राजघराने के साथ डब्बावालों के अच्छे संबंध रहे हैं। उनकी शादी में दो डब्बावालों को आमंत्रित किया गया था। यह हमारे लिए एक सम्मान की बात थी। वह राजा बनने वाले हैं। इसलिए उन्हें हम पुनेरी पगड़ी और वारकरी समुदाय के शॉल को भेंट करेंगे।