Navneet Rana News: मुंबई की एक कोर्ट ने बुधवार को भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बरी कर दिया है। नवनीत राणा अमरावती से निर्दलीय सांसद (2019-24) रह चुकी हैं।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा को बड़ी राहत मिली है। मुंबई की एक कोर्ट ने बुधवार (07 जनवरी) को नवनीत राणा को फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (मजगांव न्यायालय) ए.ए. कुलकर्णी ने आरोपमुक्त करने के अनुरोध वाली उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया। फिहाल विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं है।
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हालांकि, उनके पिता हरभजनसिंह कुंडलेस के खिलाफ मामला जारी रहेगा, क्योंकि कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप तय करने के लिए मामले को 16 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है। अनुसूचित जाति से संबंधित होने का दावा करने वाली नवनीत राणा अमरावती से पूर्व निर्दलीय लोकसभा सांसद (2019-24) रह चुकी हैं। हालांकि बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं थी।
2021 में राणा जाति प्रमाण पत्र किया था रद्द
मुंबई के मुलुंड पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, राणा और उनके पिता ने कथित तौर पर उनके लिए जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी की, क्योंकि अमरावती लोकसभा सीट, जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था, अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2021 में राणा को जारी किया गया जाति प्रमाण पत्र यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि इसे जाली दस्तावेजों का उपयोग करके धोखाधड़ी से हासिल किया गया था।
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इसके बाद अप्रैल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने नवनीत राणा का अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बहाल कर दिया, जिससे वह लोकसभा चुनाव लड़ने में सक्षम हो गईं। हालांकि, वह अमरावती में 2024 के चुनाव हार गईं, जहां वह भाजपा की उम्मीदवार थीं।
2014 में भी रद्द हुआ था जाति प्रमाण पत्र
दक्षिण भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री रहीं नवनीत कौर राणा अमरावती के बडनेरा विधानसभा से विधायक रवि राणा की पत्नी हैं। गौरतलब है कि इससे पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पेश किए उनके जाति प्रमाणपत्र को भी बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज किया था। उस दौरान 2014 का लोकसभा चुनाव वो हार गईं थीं।