मुंबई कांग्रेस ने बृहन्मुंबई नगर निगम के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की है। इसको लेकर पार्टी अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिससे मुंबईवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
मुंबई कांग्रेस ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इसमें उन्होंने नागरिक निकाय के कामकाज में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलताओं और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्रकारों से बात करते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि एशिया का सबसे अमीर और सबसे बड़ा नागरिक निकाय होने के बावजूद, पिछले तीन वर्षों से बिना चुने हुए प्रतिनिधियों के चल रहा बीएमसी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहा है।
कांग्रेस ने लगाया आरोप
कांग्रेस की इस रिपोर्ट में नागरिक के कामों, टेंडर प्रक्रियाओं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से संबंधित 13 प्रमुख बिंदुओं को सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासक के शासन में महायुति सरकार ने न केवल मुंबईवासियों को उनके मताधिकार से वंचित रखा, बल्कि प्रमुख विभागों में उचित पर्यवेक्षण की कमी के कारण बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता भी खराब हुई है। उन्होंने प्रशासन पर चुनिंदा ठेकेदारों का पक्ष लेने और आवश्यक सेवाओं के लिए आवंटित धन के कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए इन मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की।
कांग्रेस प्रगति के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी
गायकवाड़ ने आगे कहा कि भ्रष्ट महायुति निगम के कारण शहर में खराब सड़कें, पानी की किल्लत, यातायात की समस्याएं, वायु प्रदूषण और गड्ढों जैसी समस्याएं चरम पर हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई कांग्रेस 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों में किसी भी अनावश्यक विवाद के बजाय केवल विकास, न्याय और प्रगति के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी का लक्ष्य जाति, धर्म या भाषा के आधार पर राजनीति करने के बजाय उन मुंबईवासियों की आवाज बनना है जिन्होंने पिछले तीन साल और नौ महीनों में कुप्रबंधन का सामना किया है।