फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'आप दूसरी दुनिया में नहीं रह रहे': वायु प्रदूषण पर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, निगम अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

Fri, 23 Jan 2026 06:49 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मुंबई और नवी मुंबई की नगर निगमों को हाई कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर वायु प्रदूषण कम करने के आदेश नहीं माने गए, तो आयुक्तों का वेतन रोक दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा अधिकारी भी वही प्रदूषित हवा सांस ले रहे हैं।

विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण को लकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई और नवी मुंबई की नगर निगमों के अधिकारियों को कठोर चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर उन्होंने वायु प्रदूषण कम करने के आदेशों का पालन नहीं किया, तो उनके वेतन रोक दिए जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी भी वही प्रदूषित हवा सांस ले रहे हैं, कोई अलग दुनिया में नहीं रहते। इतना ही नहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों नगर निगमों के आयुक्तों को चेतावनी भी दी। 

विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि अगर उन्होंने लगातार जारी किए गए आदेशों का पालन नहीं किया, तो उनके वेतन रोक दिए जाएंगे। अदालत ने कहा कि पिछले साल 2023 में खुद ही (सुओ मोटु) प्रदूषण बढ़ने के मामले में कदम उठाए थे और नगर निगमों को निर्देश दिए थे कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

ये भी पढ़ें:- PM Speech Highlights: तमिलनाडु में पीएम ने जयललिता को क्यों याद किया? DMK की सियासत और दीपम विवाद पर भी बोले

बीएमसी के वकील ने कोर्ट में दी दलील

विज्ञापन

वहीं कोर्ट की फटकार के बाद बीएमसी के वकील अपनी दलील पेश की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कई निर्माण स्थलों पर काम रोकने के नोटिस जारी किए गए हैं और लगभग 600 में से 400 साइटों पर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डिवाइस लगाए गए हैं।

हालांकि, कोर्ट ने इस जवाब से संतोष नहीं जताया और कहा कि ये सभी कदम केवल कोर्ट के आदेशों के बाद ही उठाए गए, जबकि वर्षों तक कोई स्वयंसेवी और गंभीर प्रयास नहीं किए गए। कोर्ट ने एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के डेटा की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और बीएमसी को नवंबर 2025 से तीन महीने पहले तक का रोजाना का सेंसर डेटा जमा करने का निर्देश दिया।

ये भी पढ़ें:- छगन भुजबल को अदालत से बड़ी राहत: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 20 साल बाद आरोपों से बरी, जानिए कोर्ट ने क्या कहा?
विज्ञापन


अधिकारियों को सख्ती से लगाई फटकार
कोर्ट ने यह भी कहा कि नगर निगमों द्वारा दाखिल हलफनामों में वार्ड-वार विवरण नहीं है और इससे प्रतीत होता है कि अधिकारियों ने प्रदूषण कम करने में गंभीरता से काम नहीं किया। अदालत ने साफ किया कि यह सिर्फ जांच करने का मामला नहीं है, बल्कि नगर निगमों की जिम्मेदारी है कि वे हवा को साफ और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें