बीएमसी में भाजपा शिवसेना गठबंधन की जीत को करीब दो हफ्ते का समय गुजर गया है, लेकिन अभी तक मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। भाजपा और शिवसेना के बीच मेयर पद को लेकर खींचतान है। अब शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने कहा है कि बीएमसी मेयर भाजपा का ही होगा।
शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने मंगलवार को दावा किया कि मुंबई में भाजपा का ही मेयर बनेगा क्योंकि भगवा पार्टी अपने सहयोगी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ यह पद साझा नहीं करेगी। भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन चुनाव जीतने के लगभग दो हफ्ते बाद भी यह तय नहीं है कि मेयर कौन होगा।
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संजय राउत ने बताया बीएमसी में भाजपा का मेयर क्यों बनेगा
मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि भले ही महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना बीएमसी मेयर का पद चाहती है और इसे लेकर नाराज भी है, लेकिन उसके पास कोई विकल्प नहीं है। संजय राउत ने कहा भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बात करने के बाद शिवसेना को नगर निकाय में कुछ अन्य पद मिल सकते हैं, लेकिन मेयर पद उन्हें छोड़ना ही पड़ेगा।
राज्यसभा सांसद ने कहा, 'मुंबई में भाजपा का ही मेयर होगा।'
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेताओं ने मांग की है कि मेयर शिवसेना से होना चाहिए क्योंकि 2026 में शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी है। यही वजह है कि शिंदे ने अपने पार्षदों को एक होटल में ठहराया हुआ है। हालांकि भाजपा इसके लिए तैयार नहीं है।
15 जनवरी को घोषित हुए बीएमसी के चुनाव नतीजों में भाजपा ने 89 सीटें जीतीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी ने 65, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29, कांग्रेस को 24, और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को छह सीटें मिलीं, साथ ही अन्य पार्टियों को भी सीटें मिलीं। 227 वार्ड वाले नगर निकाय में किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला।
बीते दिनों संजय राउत ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा था कि मेयर पद के लिए शिंदे की कोई हैसियत नहीं है। इससे बड़ा अपमान क्या होगा कि जो खुद को शिवसेना कहते हैं, बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर लगाते हैं और फिर मुंबई के मेयर पद के लिए दिल्ली जाकर गुजराती नेताओं के पैरों में बैठते हैं।