बीएमसी ने यह निर्णय तब लिया जब पता चला कि शहर की झीलों में पानी भंडार पिछले साल की तुलना में करीब 15 फीसद कम है। इसका प्रमुख कारण कम बारिश का होना है। बता दें कि बीएमसी हर साल एक अक्टूबर से अगले साल की 31 जुलाई तक के लिए पानी आपूर्ति की योजना बनाती है।
बता दें कि मुंबई में पानी सप्लाई की मांग जहां रोजाना 4200 लाख लीटर है वहीं सप्लाई केवल 3,800 लाख लीटर की होती थी, वहीं कटौती के बाद अब इसमें 380 लाख लीटर की और कमी हो गई है।
मुंबई में पानी की सप्लाई शहर के आस-पास की सात झीलों से होती है। इनमें मोदक सागर, तांसा झील, वेहर झील, तुलसी झील, ऊपरी वैतर्णा, भटसा और मध्य वैतर्णा झीलों से पानी की सप्लाई की जाती है।