केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गणपति उत्सव में भाग लेने के लिए शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक आवास 'वर्षा' और दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल स्थित उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास 'सागर' गए। शिंदे के आवास पर मौजूद लोगों में फडणवीस के साथ-साथ राज्य के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और दीपक केसरकर भी शामिल थे।
शाह बाद में शहर के लालबाग-चिंचपोकली बेल्ट में प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पूजा अर्चना करने पहुंचे। गृह मंत्री ने एक्स पर लिखा, गणेश उत्सव के समय मुंबई में होना एक अलग ही आनंद का विषय होता है। पूरा शहर गणपति बाप्पा की भक्ति में लीन होता है। आज मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबाग के राजा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा, गणपति बाप्पा सभी का कल्याण करें। उन्होंने इसके साथ ही तस्वीरें भी साझा कीं।
बता दें कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री शाह मुंबई विश्वविद्यालय में लक्ष्मणराव इनामदार स्मृति व्याख्यान देने के लिए शहर में हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि व्याख्यान का आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता रहे इनामदार द्वारा स्थापित सहकारी निकाय सहकार भारती के सहयोग से किया गया है।
पीएम मोदी ने साठ करोड़ लोगों को अर्थव्यवस्था से जोड़ा: शाह
लक्ष्मणराव इनामदार स्मृति व्याख्यान में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने सहकारिता विभाग को कृषि विभाग से अलग कर के स्वतंत्र कर दिया। कई लोगों ने सोचा कि सहकारी क्षेत्र अब पुराना और अप्रासंगिक हो गया है। लेकिन उसी समय पीएम मोदी ने सहकारी विभाग में नई जान फूंकी। 2014 से 2023 तक पीएम मोदी ने 60 करोड़ लोगों को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ा। उनके पास कोई बैंक खाता नहीं था। वे अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में रहते थे। उनके पास कोई सुरक्षा, स्थिरता या सपने नहीं थे। पीएम ने इन 60 करोड़ लोगों को गैस, पानी आदि सहित सभी सुविधाएं दीं... स्वास्थ्य, घर और खाद्य सुरक्षा की उनकी चिंता हल हो गई।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह शनिवार को मुंबई विश्वविद्यालय और सहकार भारती के आयोजित लक्ष्मणराव ईनामदार स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और ग्रामीण विकास को गति देना है तो सहकारिता ही एकमात्र मॉडल है। दो लाख दुग्ध समिति, इफको, क्रिभको और अमूल ढेर सारी ऐसी संस्थाएं हैं जिन्होंने विश्व में नाम कमाया है। को-ऑपरेटिव बैंक भी इसमें अपना स्थान रखते हैं। उन्होंने कहा, 5 सालों में 3 लाख नए पैक्स गांव पंचायत में बनाएंगे। पैक्स जल वितरण, सस्ती अनाज की दुकान, सस्ती दुकान और भंडारण सहित काम कर पाएगा। साथ ही, सहकारिता विश्वविद्यालय भी खोलने की योजना है। शाह ने कहा, पीएम मोदी ने सहकारिता को अलग विभाग बनाकर इसे नई गति दी है। इसके पीछे की मंशा देश के गरीबों को देश के अर्थतंत्र से जोड़ना है। साल 2014 से 2023 तक देश के 60 करोड़ लोग देश के अर्थतंत्र के साथ जुड़े ही नहीं थे क्योंकि उनके परिवार में एक भी बैंक खाता नहीं था। न इनके जीवन में सुरक्षा थी, न स्थिरता और न स्वप्न। मोदी ने 9 साल में 60 करोड़ लोगों को बैंक खाता खुलवाया। उन्हें आवास दिया। पानी, बिजली, गैस और शौचालय के अलावा हर व्यक्ति को 5 किलो अनाज मुफ्त देकर उनको खाने की चिंता से मुक्त कर दिया। यही नहीं, इन 60 करोड़ लोगों को मोदी ने स्वास्थ्य का खर्चा मुप्त कर दिया। अब ये लोग देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करना चाहते हैं लेकिन पूंजी नहीं है। अगर, उन्हें देश के विकास से जोड़ना है तो उसका माध्यम सहकारिता है।
राजनीतिक दखलंदाजी से गिरी सहकारिता की साख
शाह ने कहा, 1960 और 1967 के बाद सहकारिता क्षेत्र में राजनीतिक दखल बढ़ने लगा। इसके कारण सहकारिता आंदोलन की बड़ी छति हुई। आज भी कई बड़े संस्थान जो दुनिया के सबसे अच्छे ब्रांड माने जाते है वह सहकारिता के मॉडल पर चलते हैं। श्वेतक्रांति के जनक त्रिभुवन भाई पटेल ने 100 रुपए और 12 बहनों के साथ अमूल व्यवसाय शुरू किया था। आज 36 हजार बहनें मिलकर अमूल दूध का 60 हजार करोड़ का व्यापार करती हैं। किसी बहन की पूंजी 100 रुपये से ज्यादा नहीं है। विश्वभर में कोई ऐसा उदाहरण नहीं मिलेगा जो 100 रुपये लगाकर बहने अपना घर चलाती हैं। 40 हजार बहनों ने लिज्जत पापड़ बनाए 130 लोगों ने इसको खाया यह सहकारिता बहनों की ताकत थी।
बंद कमरे में शिंदे व फडणवीस के साथ शाह ने की चर्चा
लालबाग के राजा का दर्शन-पूजन करने के बाद केंद्रीय मंत्री शाह मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री फडणवीस के साथ बंद कमरे में चर्चा की। समझा जा रहा है कि आधे घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत में शाह ने शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद की स्थिति पर विचार-विमर्श किया।