मराठों, धनगर के बाद अब ब्राह्मण समाज आरक्षण के लिए आवाज उठाई की तैयारी कर रहा है। समस्त ब्राह्मण समाज नाम के संगठन ने अपनी मांगों को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में 22 जनवरी को सभा करने का एलान किया है।
संगठन के संयोजक विश्वजीत देशपांडे ने प्रेस विज्ञाप्ति में कहा कि आर्थिक रूप से कमजोरों को केंद्र का 10 फीसदी आरक्षण हमारी समस्या का हल नहीं है क्योंकि यह कानूनी इसे कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए ब्राह्मण समाज अलग से आरक्षण की मांग कर रहा है। हम आजाद मैदान में बड़ी संख्या में जमा होकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे।
महाराष्ट्र के समस्त ब्राह्मण समाज के मुताबिक ब्राह्मणों का एक बड़ा राज्य में पिछड़ा और तबका गरीब है। वह पूजा-पाठ कराकर अपना जीवन बिता रहे हैं। इसलिए संगठन ने 15 मांगे की हैं जिनमें धार्मिक कामों में लगे लोगों को पांच हजार पेंशन की मांग भी शामिल है।
इसके अलावा संगठन ने ब्राह्मणों के लिए अलग वित्तीय विकास बोर्ड की स्थापना, विधार्थियों के लिए हॉस्टल और समाज के बच्चों के लिए परास्नातक तक मुफ्त शिक्षा की मांग की है। महाराष्ट सरकार ने दिसंबर 2018 में व्यापक प्रदर्शन के बाद मराठों को 16% आरक्षण दिया था। जिसके बाद राज्य में आरक्षण का आंकड़ा बढ़कर 68 फीसदी हो गया था।