महाराष्ट्र में सोसाइटी की लापरवाही की वजह से आठ साल की लड़की (अर्चना) ने अपना एक हाथ खो दिया। इतना ही नहीं लड़की पैदल-पैदल चलकर अपने घर आई जिसमें उसको पूरे तीस मिनट लगे लेकिन रास्ते में किसी ने भी उसकी मदद नहीं की।
अर्चना की मां ने कहा कि वह घर आकर बस एक बात बोल रही थी कि मम्मी मेरा हाथ टूट गया है मुझे डॉक्टर के पास ले चलो। मां को भी इस बात का काफी दुख और हैरानी है कि किसी ने बच्ची की मदद नहीं की।
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अर्चना के साथ यह हादसा उसके ट्यूशन वाली बिल्डिंग में हुआ। उसने पुलिस को बताया कि लिफ्ट में चढ़ते वक्त उसकी चप्पल उतर गई थी, जिसको वह लिफ्ट के गेट पर हाथ रखकर उठाने लगी, तब ही लिफ्ट में उसके साथ मौजूद शख्स ने लिफ्ट चला दी जिससे दरवाजा बंद होते वक्त उसका हाथ कट गया। खबर के मुताबिक, उस शख्स ने भी अर्चना की कोई मदद नहीं की थी।
अर्चना को फिलहाल KEM हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। वह इकलौता हॉस्पिटल है जो हाथ ट्रांस्प्लांट कर सकता है। हालांकि, अभी डॉक्टर्स ने उसके लिए मना कर दिया है। लड़की का कटा हुआ हाथ लिफ्ट में ही पड़ा मिला जिसे KEM को ही दे दिया गया।
पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और अब बिल्डिंग के सचिव से पूछताछ की जाएगी कि लिफ्ट को ऑपरेट करने वाला वहां कोई मौजूद क्यों नहीं था।