विवादों में घिरी बॉलीवुड फिल्म ‘पद्मावत’ का विरोध और उग्र हो गया है। रिलीज से एक दिन पहले बुधवार को फिल्म के खिलाफ हरियाणा, राजस्थान, यूपी, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन हुए। उपद्रवियों ने कई सड़कें जाम कर दीं और बसों को फूंक दिया।
दिल्ली-एनसीआर में भी कई जगह तोड़फोड़ हुई है। गुरुग्राम के सोहना रोड पर प्रदर्शनकारियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया। जिले में रविवार तक थियेटरों की 200 मीटर की परिधि में धारा 144 लगा दी गई है। यूपी में मेरठ के पीवीएस मॉल में पद्मावत के विरोध में पथराव किया गया। मथुरा में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकने की कोशिश की।
राजधानी लखनऊ में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। मुंबई में अलग-अलग जगहों से करणी सेना के 50 समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। गुजरात में मंगलवार को अहमदाबाद में मल्टीप्लेक्स में हुई तोड़फोड़ के मामले में भी 50 लोग हिरासत में लिए गए हैं।
इस बीच, मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होगा। यह संस्था 75 फीसदी मल्टीप्लेक्स मालिकों का प्रतिनिधित्व करती है।
गुजरात के थियेटर मालिकों ने विवाद खत्म होने तक किसी भी मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर में फिल्म न प्रदर्शित करने का फैसला किया है।
वहीं, राजस्थान में राजपूत समुदाय की 1,900 महिलाओं के जौहर करने को तैयार होने से एलान के बाद करणी सेना की चित्तौड़गढ़ इकाई के प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने दावा किया है कि राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व बिहार के फिल्म वितरकों ने उन्हें फिल्म रिलीज नहीं करने का आश्वासन दिया है।