मुलायम सिंह यादव को क्यों पहलवान कहा जाता है और राजनीति के अखाड़े में उतरते ही चीजें कैसे उनके अनुकूल हो जाती हैं इसकी बानगी शुक्रवार को लखनऊ में दिखी। बीते सोमवार से अखिलेश यादव और शिवपाल यादव में कथित मतभेद की सूचना के बाद पल-पल बढ़ रहे तनाव के बाद मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कान्फ्रेंस की।
मुलायम सिंह यादव ने एक मजे हुए पहलवान की तरह ही मजबूती से अपनी बात रखी। उन्होंने साफतौर पर कहा कि पार्टी और परिवार में कोई मतभेद नहीं है। थोड़ी बहुत गलतफहमियां हर जगह हो जाती हैं। पार्टी में जैसा पहले था, अब भी वैसा ही है। अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल में अब कोई झगड़ा नहीं है।
यूपी के इटावा में साल में 22 नवंबर 1939 को जन्म मुलायम ने साल 1954 में पंद्रह साल की किशोरावस्था में ही राजनीतिक तेवर दिखाए थे। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के आह्वान पर ‘नहर रेट आंदोलन’ में भाग लिया और पहली बार जेल गए।
सोशलिस्ट पार्टी से पहली बार बने थे विधायक
मुलायम सिंह यादव
- मुलायम सिंह यादव 28 साल की उम्र में 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर पहली बार जसवंत नगर क्षेत्र से विधायक बने।
-इसके बाद साल 1974, 77, 1985, 89, 1991, 93, 96, 2004 और 2007 में बतौर विधान सभा सदस्य चुने गए।
-साल 1996, 1998, 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा के सदस्य चुने गए।
साल 1977 में बने थे पहली बार मंत्री
मुलायम सिंह यादव
-मुलायम सिंह यादव साल 1982 से 1985 तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के सदस्य और नेता प्रतिपक्ष रहे।
-पहली बार 1977-78 में राम नरेश यादव और बनारसी दास के शासन काल में वह सहकारिता और पशुपालन मंत्री बनाए गए।
तीन बार मुख्यमंत्री और एक बार रहे रक्षामंत्री
मुलायम सिंह यादव
- फोटो : amar ujala
-मुलायम सिंह यादव 1989 से 1991 तक, 1993 से 1995 तक और साल 2003 से 2007 तक तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चुके हैं।
- वह एच डी देवगौड़ा की सरकार में 1 जून 1996 से 19 मार्च 1998 तक देश के रक्षा मंत्री भी रहे।