तृणमूल कांग्रेस के सांसद मुकुल रॉय ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू को अपना इस्तीफा सौंपा।
#Delhi: Mukul Roy submits his resignation from Rajya Sabha as TMC MP, to Vice President and RS Chairman Venkaiah Naidu pic.twitter.com/qZ9GwA6pDv
— ANI (@ANI) October 11, 2017
मुकुल रॉय ने बताया कि उन्होंने राज्यसभा और साथ ही टीएमसी के सभी पदों व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि दिल में गहरे दर्द के साथ उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। अब वे कुछ दिनों की छुट्टी पर रहने के बाद अगली रणनीति तय करेंगे।
अब राय के भाजपा में जाने या एक नई पार्टी बनाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ दिनों पहले इस बारे में पूछने पर उनका कहना था कि कुछ दिन इंतजार करें। समय ही इसका जवाब देगा कि मैं भाजपा में जाऊंगा या नहीं।
उसके बाद तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा था कि मुकुल का राजनीतिक कॅरियर शीघ्र खत्म हो जाएगा।
ध्यान रहे कि ममता के दाहिने हाथ रहे मुकुल को बीते महीने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। उससे पहले राय ने संसद से इस्तीफा देने और दुर्गा पूजा के बाद तृणमूल से नाता तोड़ने का एलान किया था।
मालूम हो कि तृणमूल कांग्रेस से निकाले जा चुके मुकुल रॉय के बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात भी की थी। बता दें कि मुकुल रॉय और तृणमूल कांग्रेस का रिश्ता बीस साल पुराना था।
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17 दिसंबर 1997 को जब TMC बनी तो मुकुल रॉय ममता बनर्जी के साथ थे। 1990 में जब ममता ने कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया तब भी मुकुल उनके साथ थे। उन दिनों से ही मुकुल बिना किसी संदेह के ममता के खास बन गए।
गौरतलब है कि बीजेपी 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी में है और वह बंगाल में सीट निकालने की कोशिश कर रही है। इसके लिए बीजेपी को मुकुल रॉय जैसे किसी चेहरे की तलाश है।