तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय को शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा की लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी ने समिति के लिए उनके नामांकन और अध्यक्ष बनाए जाने का कड़ा विरोध किया है, क्योंकि रॉय भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत कर आए हैं।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा स्पीकर बीमान बंदोपाध्याय ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद पर रॉय की नियुक्ति पर मुहर लगाई। भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे मुकुल रॉय को पीएसी का चेयरमैन बनाए जाने का पार्टी ने कड़ा विरोध किया। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की अगुआई में पार्टी के विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
रॉय इस समय कृष्णानगर उत्तर सीट से विधायक हैं और विधानसभा चुनाव में भाजपा को सफलता नहीं मिलने के बाद पिछले माह सत्तारूढ़ टीएमसी में शामिल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने न तो विधानसभा से इस्तीफा दिया न उन्हें दल-बदल रोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किया गया।
सुवेंदु बोले-नियमों का दुरुपयोग किया
सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि नियमों के मुताबिक पीएसी चेयरमैन विपक्ष के विधायक को बनाया जाता है, लेकिन टीएमसी ने नियमों का दुरुपयोग किया है। मीडिया से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि स्पीकर ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मुकुल रॉय को पीएसी चेयरमैन घोषित कर दिया है। यह पहली बार है जब पीएसी चेयरमैन किसी विपक्षी नेता को नहीं बनाया गया है।