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मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल से यूपी की जेल में ट्रांसफर करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित

Fri, 05 Mar 2021 05:11 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : amar ujala
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 पंजाब सरकार ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा, उत्तर प्रदेश सरकार जिस तरह से विधायक मुख्तार अंसारी को लेकर उस पर आरोप लगा रही है, वह दुखद है। हमारे लिए अंसारी भी किसी अन्य अपराधी के तरह ही है।

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जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस आर सुभाष रेड्डी के समक्ष पंजाब की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने यूपी सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद-32 के तहत दायर रिट याचिका का विरोध करते हुए कहा, राज्य सरकार का मौलिक अधिकार नहीं होता है, ऐसे में यूपी सरकार की याचिका विचार योग्य नहीं है।

उन्होंने कहा, अंसारी को दूसरे जेल में न भेज पाने का उसके पास वैध कारण है। अंसारी का मेडिकल रिपोर्ट पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने तैयार की है और यह अस्पताल केंद्र सरकार के अधीन है। 
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दवे ने कहा, एक राज्य को दूसरे राज्य का सम्मान करना चाहिए न कि बेबुनियाद आरोप लगाने चाहिए। सनद रहे कि यूपी सरकार का कहना है कि पंजाब सरकार, अंसारी को बचाने का प्रयास कर रही है।

वहीं अंसारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने यूपी सरकार के इस अनुरोध पर भी आपत्ति जताई कि सुप्रीम कोर्ट को अपने विशेषाधिकार (अनुच्छेद-142) का इस्तेमाल करते हुए आदेश पारित करना चाहिए।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा, जब पहले से कानून उपलब्ध हो तो सुप्रीम कोर्ट को अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यूपी सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, राज्य सरकार, पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रही है। वह समाज का प्रतिनिधित्व कर रही है। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

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