एरिक्सन के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी कंपनी को बकाए के रूप में शेष 458.77 करोड़ रुपये का भुगतान आरकॉम की ओर से किया जा चुका है। आरकॉम पर कुल 571 करोड़ का बकाया था, जिसमें से 550 करोड़ रुपये वनटाइम सेटलमेंट के और 21 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में जुड़े थे। आरकॉम पहले ही एरिक्सन को 118 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी थी।
छह साल पुराना विवाद
आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए एरिक्सन ने 2014 में कंपनी के साथ सात साल का करार किया था। बाद में एरिक्सन ने आरोप लगाया कि आरकॉम ने उसके 1,500 करोड़ रुपये नहीं चुकाए हैं। 2018 में दिवालिया प्रक्रिया के तहत एरिक्सन महज 550 करोड़ रुपये में मामले को निपटाने पर राजी हो गया, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर तक आरकॉम को भुगतान का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी इस डेडलाइन तक सिर्फ 118 करोड़ रुपये दे सकी थी।
मुश्किल अभी खत्म नहीं
एरिक्सन से छुटकारा पाने वाले अनिल अंबानी की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सरकार टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने भी उनके खिलाफ एनसीएलटी जाने की तैयारी में है। निगम ने कहा है कि वह इसी सप्ताह आरकॉम पर बकाया 700 करोड़ वसूलने के लिए कंपनी ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाएगा।