गृह मंत्रालय ने वाराणसी से सटे मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के मामले में कहा है कि उन्हें इसका अनुरोध मिला है और यह प्रक्रिया में है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 10वीं कैबिनेट की बैठक में मुगलसराय स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय करने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
इस प्रस्ताव को यूपी सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा था। अब उम्मीद की जा रही है कि इस पर जल्द ही गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय की सहमति की मुहर लग जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। गौरतलब है कि पहले भी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, राम मनोहर लोहिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और आचार्य नरेंद्र देव समेत कई नेताओं के नाम पर रेलवे स्टेशनों का नामकरण किया जा चुका है।
रेल मंत्रालय ने दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में एकात्मता ट्रेन, अंत्योदय एक्सप्रेस और दीनदयालु कोच नाम से नई योजनाएं शुरू की हैं। बता दें कि 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय स्टेशन के यार्ड में दीनदयाल उपाध्याय का शव लावारिस हालत में मिला था।
उस समय वे जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और मार्क्सवादी, समाजवादी और पूंजीवादी विचारधारा से अलग भारतीय हिंदू दर्शन पर आधारित एकात्म मानव दर्शन की विचारधारा को विस्तार देने के अभियान में जुटे थे। इससे पहले आगरा हवाई अड्डे का नामकरण भी उपाध्याय के नाम पर करने का प्रस्ताव यूपी सरकार मंजूर कर चुकी है।