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मुडा मामला: हाईकोर्ट ने पूर्व आयुक्त छोड़ सभी आरोपियों की ED जांच की दी अनुमति, सिद्धारमैया की बढ़ीं मुश्किलें

Thu, 03 Apr 2025 06:23 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, बंगलूरू।

सार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने ईडी को मुडा भूखंड आवंटन मामले में पूर्व आयुक्त को छोड़कर सभी आरोपियों की जांच की अनुमति दी। इसमें सीएम सिद्धारमैया, उनकी पत्नी और भाई का नाम शामिल है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 
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सिद्धारमैया, कर्नाटक हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मैसूरू शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) भूखंड आवंटन मामले में एमयूडीए के पूर्व आयुक्त डीबी नटेश को छोड़कर सभी आरोपियों की जांच करने की अनुमति दे दी। इसके चलते मामले में आरोपी सीएम सिद्धारमैया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मुख्य न्यायाधीश एनवी अंजारिया और जस्टिस केवी अरविंद की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि ईडी को कानून के अनुसार अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने का अधिकार है। ईडी ने एकल न्यायाधीश की पीठ के आदेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया था, जिसने नटेश को जारी समन को रद्द कर दिया था।

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अदालत ने कहा, पीएमएल अधिनियम के तहत जांच में बाधा नहीं डाली जाएगी या उसे रोका नहीं जाएगा। जांच अधिकारी, प्रवर्तन निदेशालय को विद्वान एकल न्यायाधीश के निर्णय और आदेश के बावजूद, मामले की जांच करने की अनुमति दी जाती है। लोकायुक्त के साथ-साथ ईडी भी एमयूडीए साइट आवंटन मामले की जांच कर रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी पार्वती बीएम, उनके भाई मल्लिकार्जुन स्वामी और भूमि विक्रेता देवराजू आरोपी हैं। 
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मुडा पर आरोप है कि उसने 2022 में सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को मैसूरू के कसाबा होबली स्थित कसारे गांव में उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले मैसूरू के एक पॉश इलाके में भूखंड आवंटित की। इनकी कीमत पार्वती की जमीन की तुलना में बहुत ज्यादा थी।

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