कर्नाटक मुडा मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी बीएम पार्वती की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। (प्रवर्तन निदेशालय) ईडी के अनुसार इस मामले में मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी बीएम पार्वती को 14 साइटों के हस्तांतरण में कई अनियमितताओं के सबूत मिले हैं।
ईडी का दावा
ईडी ने हाल ही में कर्नाटक लोकायुक्त विभाग को भेजे गए एक पत्र में दावा किया कि उसकी जांच में यह भी पाया गया है कि मुडा ने बेनामी और इसी तरह के अन्य लेनदेन में कुल 1,095 साइटों को अवैध रूप से आवंटित किया था।
ईडी ने जारी किया बयान
ईडी ने कहा कि पार्वती को भूमि हस्तांतरण में वैधानिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ था। एजेंसी ने कार्यालय प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, अनुचित पक्षपात और प्रभाव का उपयोग और हस्ताक्षरों की जालसाजी के सबूत भी पाए हैं।
इसके साथ ही एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि उसे इस बात के सबूत मिले हैं कि सिद्धरमैया के निजी सहायकों में से एक एसजी दिनेश कुमार उर्फ सीटी कुमार ने इस प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल किया। अधिकांश आवंटन बेनामी या नकली व्यक्तियों के नाम पर किए गए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में टीम
बता दें कि सिद्धरमैया, पार्वती, सीएम के साले मल्लिकार्जुन स्वामी, देवराजू (जिनसे मल्लिकार्जुन स्वामी ने जांच के तहत जमीन खरीदी और इसे पार्वती को उपहार में दिया) और कुछ अन्य के खिलाफ कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस की ओर से इनके खिलाफ दर्ज एफआईआर का ईडी संज्ञान लेने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।
कर्नाटक सरकार ने मैसूर में 48 MUDA साइटों का आवंटन किया रद्द
कर्नाटक सरकार ने 48 MUDA (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) साइटों का आवंटन रद्द कर दिया है, जो 23 मार्च, 2023 को एक प्रस्ताव के तहत आवंटित की गई थीं। ये साइटें मैसूर शहर के दत्तागल्ली इलाके में स्थित थीं। MUDA के सूत्रों के मुताबिक, शहरी विकास विभाग के आदेश के बाद 30 नवंबर, 2024 को इन साइटों का आवंटन रद्द कर दिया गया।
सूत्रों ने यह बताया कि रद्दीकरण का कारण नियमों के उल्लंघन का आरोप है, हालांकि उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। यह आवंटन विवादास्पद 50:50 योजना के तहत नहीं किया गया था, जिसे लोकायुक्त और प्रवर्तन निदेशालय जांच रहे हैं। बता दें कि खबरें सामने आईं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती बी.एम. को मैसूर अपमार्केट में 14 MUDA साइटों से लाभ हुआ है। लोकायुक्त पुलिस ने सिद्धारमैया, पार्वती और उनके पति के अलावा उनके बहनोई मल्लिकार्जुन स्वामी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पार्वती ने MUDA को एक पत्र लिखकर इन साइटों का आवंटन रद्द करने की मांग की थी।