सुरक्षा के मद्देनजर फ्लैग मार्च करते अर्धसैनिक बल
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केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अर्धसैनिक बलों में सबसे निचली रैंक के तौर पर सफाई कर्मचारी, कहार, फराश और मसालची जैसी श्रेणियों को खत्म कर उनकी जगह पेशेवर पद बनाए जाएंगे। अब इन्हें मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) और किचन सर्विसेज के तौर पर जाना जाएगा।
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को निर्देश दिया कि इन सेवाओं के लिए भर्ती विज्ञापन नए बदलाव के मुताबिक निकाले जाएं। सीएपीएफ अपनी टुकड़ियों के लिए खाना बनाने, सफाई, बाग-बगीचे की रखवाली और कपड़े धोने जैसी जरूरतों के लिए लोगों को भर्ती करता है।
नए नियम के तहत दफ्तरी कांस्टेबल (ऑफिस बॉय), फराश व सफाई कर्मचारी (क्लीनर) और चपरासी एमटीएस के तहत रहेंगे। इन्हें कांस्टेबल एमटीएस कहा जाएगा। खाना बनाने वाले, पानी पहुंचाने वाले, कसाई, वेटर, मसालची (रसोई में मदद करने वाले जो मसाले बनाते हैं), टेबल बॉय और कहार को किचन सर्विसेज कांस्टेबल कहा जाएगा।
अब दो श्रेणियों में होंगी नई भर्तियां
सरकार ने यह फैसला आइटीबीपी अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के प्रस्ताव पर किया है। इसका उद्देश्य इन पदों पर भर्ती होने वालों को पेशेवर बनाना है। इसके अलावा भर्ती में भी एकरूपता लाने की कोशिश के तहत ऐसा किया जा रहा है। इस बदलाव से कोई वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा। अब तकइन पदों पर काम करने वालों को पद बताने से झिझक होती थी लेकिन अब सम्मान बढ़ेगा। भविष्य में भर्तियां इन्हीं दो श्रेणियों में होंगी। सीएपीएफ में सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ एसएसबी हैं। एनएससी, एनडीआरएफ और असम राइफल्स में भी इनके तहत भर्ती की जाती है।