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राहत: ब्लैक फंगस के इलाज के लिए बाजार में आ गई दवा, इस लैब ने सबसे पहले किया लॉन्च

Sat, 22 May 2021 09:03 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोना महामारी के बाद ब्लैक फंगस लोगों के लिए काल बनकर टूट रहा है। कोरोना से ठीक हुए मरीजों को यह इंफेक्शन अपनी चपेट में ले रहा है। कई राज्यों ने इसे महामारी घोषित कर दी है। हालांकि बाजार में इसकी दवा उपलब्ध है। 
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ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन इसी राहत के बीच ब्लैक फंगस आफत बनी हुई है। कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों में तेजी से फैल रहा है  हालांकि फार्मा कंपनी एमएसएन लैबोरेटरीज ने ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) मरीजों के इलाज के लिए पॉसाकोनाजोल दवा लॉन्च किया है।  (Posaconazole) एंटी-फंगल दवा पॉसकोनाज़ोल के बाजार में आने से संक्रमित मरीजों को काफी राहत मिलगी। 

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दवा और इंजेक्शन की क्या है कीमत
कंपनी ने बताया कि पॉसावन ब्रांड नाम से पॉसकोनाज़ोल टैबलेट 100 एमजी में और 300 एमजी क्षमता में इंजेक्शन तैयार किए गए हैं। इस दवा को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीजीसीआई) से भी मंजूरी मिल गई है।  ब्लैक फंगस के इलाज में कारगर पॉसावन बाजार में प्रति टैबलेट 600 रुपये में उपलब्ध है, वहीं प्रति इंजेक्शन की कीमत 8500 रुपये रखी गई है। कंपनी के मुताबिक एमएसएन के एंटी फंगल ड्रग के क्षेत्र में रिसर्च एंड मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का यह नतीजा है । 



कोविड से ठीक हुए मरीजों में ज्यादा लक्षण
कोविड-19 से ठीक हो रहे कई मरीजों में म्यूकोरमायकोसिस नामक दुर्लभ फंगल यानी ब्लैक फंगस मरीजों को अपनी चपेट में ले रहा है। यह इतना खतरनाक है कि इससे कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। साथ ही आंखों की रोशनी जा चुकी है। ब्लैक फंगस का सबसे ज्यादा कहर राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में है। करीब 2 दर्जन से ज्यादा राज्य इस महामारी की चपेट में है। कई राज्यों ने इसे तो महामारी घोषित कर दिया है। 
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राजस्थान में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मामले
राजस्थान में तो ब्लैक फंगस के 700 नए मामले सामने आए हैं, कोरोना से रिकवर हुए मरीज फिर से यहां के अस्पतालों भर्ती हो रहे हैं। इससे अस्पताल पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। डॉक्टर भी इस बीमारी को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। 

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