सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली
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भारत ने रविवार को सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूसरी की दो मिसाइलों (एमआरएसएएम) का सफल परीक्षण किया। सेना के लिए तैयार इन मिसाइलों को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से सुबह 10.30 बजे दागा गया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सूत्रों ने बताया कि यह उड़ान परीक्षण उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य के खिलाफ लाइव फायरिंग ट्रायलों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि दोनों मिसाइलों ने लक्ष्यों को रास्ते में ही रोकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया। पहली मिसाइल ने मध्यम ऊंचाई पर लंबी दूरी के लक्ष्य को निशाना बनाया जबकि दूसरी ने कम ऊंचाई पर कम दूरी को। सतह से हवा में मार करने वाली एमआरएसएम संस्करण वाली मिसाइल को डीआरडीओ और इस्राइली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई) ने तैयार किया है। इसे सेना के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। एमआरएसएएम सैन्य हथियार प्रणाली में मल्टीफंक्शन राडार, मोबाइल लांचर प्रणाली और अन्य व्हीकल शामिल है। सुपुर्दगी योग्य इन दोनों मिसाइलों की उड़ान परीक्षण हथियार प्रणाली के साथ किया गया। परीक्षण के दौरान डीआरडीओ और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
Watch: Launch video of today’s flight test of Army version of Medium Range Surface to Air Missile off the Odisha coast. @DRDO_India
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- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 27 Mar 2022
रेंज आधा किलोमीटर से 100 किमी तक
सूत्रों का कहना है कि एमआरएसएएम की रेंज आधा किलोमीटर से लेकर 100 किलोमीटर तक हैं। एक बार छोड़े जाने के बाद यह आसमान में सीधे 16 किलोमीटर तक के लक्ष्य को गिरा सकती है। पिछले साल दिसंबर में इसका पहला परीक्षण किया गया था। यह बैलिस्टिक मिसाइलों, लड़ाकू जेट विमानों, विमानों, ड्रोन, निगरानी विमानों और एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम विमानों को मार गिराने में सक्षम है।
रक्षामंत्री ने दी बधाई
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एमआरएसएएम के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, सेना और रक्षा इंडस्ट्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों सफल परीक्षण अहम रेंज पर लक्ष्यों को भेदने की हथियार प्रणाली की क्षमता को दिखाते हैं।
तीन गांवों के 7000 लोगों को किया गया था शिफ्ट
डीआरडीओ के चेयरमैन जी सतीश रेड्डी ने उड़ान परीक्षण में शामिल टीमों को बधाई दी है। एहतियाती कदमों के तहत, बालासोर जिला प्रशासन ने आईटीआर के नजदीक स्थित तीन गांवों से 7000 लोगों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया था।