महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं और विभिन्न मांगों को लेकर पुणे में पिछले 11 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार के मंत्री शिवेंद्रराजे ने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर तेज तर्रार वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंढे को एमपीएससी का नया सचिव बनाए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री द्वारा छात्रों की मांगों पर पूरी तरह सकारात्मक रुख अपनाए जाने के बाद सरकार की ओर से मानी गई मांगों का आधिकारिक ड्राफ्ट भी मंत्री शिवेंद्रराजे ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रोहित पवार को सौंप दिया है।छात्र एमपीएससी से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से पुणे के एस.एम. जोशी पुल पर लगातार धरने पर बैठे थे।
इस आंदोलन की मुख्य मांगों में एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार का तुरंत इस्तीफा लिया जाना भी शामिल है। यह पूरा विरोध प्रदर्शन रोहित पवार की अगुवाई में चल रहा है। आंदोलन समाप्त कराने और छात्रों की बात सुनने के लिए राज्यमंत्री शिवेंद्रराजे खुद रोहित पवार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे थे।
आंदोलन स्थल पर पहुंचकर मंत्री शिवेंद्रराजे ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी दिक्कतों को दूर करने के प्रति गंभीर है और इसके बाद ही उन्होंने तुकाराम मुंढे को एमपीएससी का सचिव नियुक्त किए जाने का एलान किया। शिवेंद्रराजे द्वारा सौंपे गए सरकारी पत्र को रोहित पवार ने सभी छात्रों को पढ़कर सुनाया। हालांकि, इस पत्र में आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे को लेकर कोई जिक्र नहीं होने पर रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि विवेक भीमनवार का इस्तीफा लिया जाना बेहद जरूरी है।
बातचीत के दौरान मंत्री शिवेंद्रराजे ने एक अन्य बड़ी राहत देते हुए यह भी एलान किया कि इस आंदोलन के दौरान जिन-जिन छात्रों पर मुकदमे दर्ज हुए हैं, सरकार उन सभी केसों को वापस लेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एमपीएससी से जुड़ी गड़बड़ियों में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।