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महाराष्ट्र: ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक विवाद में एमपीएससी चेयरमैन की सफाई, कहा- घटना मेरे कार्यभार से पहले की

सार

महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले में एमपीएससी चेयरमैन विवेक भीमनवार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि घटना जनवरी 2026 की है, जबकि उन्होंने फरवरी में पदभार संभाला। मामले में सात गिरफ्तारियां हुई हैं। 
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एमपीएससी के चेयरमैन विवेक भीमनवार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के चेयरमैन विवेक भीमनवार ने कहा है कि ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक उनके भर्ती संस्था का कार्यभार संभालने से पहले हुआ था। जबकि उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।

बयान में क्या कहा गया है? 

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बुधवार को जारी एक बयान में, भीमनवार ने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा से जुड़ी घटना जनवरी 2026 में हुई थी, जबकि उन्होंने 18 फरवरी को एमपीएससी प्रमुख के तौर पर कार्यभार संभाला। वहीं, 3 मार्च को पदभार ग्रहण किया।

पेपर लीक को लेकर उन पर लग रहे आरोपों का जिक्र करते हुए भीमनवार ने कहा, 'घटना की अवधि से जुड़े तथ्यों पर ध्यान देना जरूरी है।' उन्होंने कहा कि एमपीएससी ने कथित प्रश्न पत्र लीक को गंभीरता से लिया है। शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की? 
मुंबई पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल है जिसने परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल की थी। भीमनवार के अनुसार, आयोग ने ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सुरक्षा और बचाव के उपाय सुझाने के लिए एक उच्च-स्तरीय आंतरिक समिति भी बनाई है।

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राज्य सरकार ने क्या कदम उठाया? 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में जरूरी सुधारों का सुझाव देने के लिए अलग से एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई है। भीमनवार ने कहा कि पद संभालने के बाद से ही उनका पूरा ध्यान आयोग की परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता, दक्षता और सुरक्षा को मजबूत करने पर रहा है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रणाली को और अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार शुरू किए गए हैं। खासकर इसलिए क्योंकि आयोग को भर्ती की ज्यादा जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भीमनवार ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों, उम्मीदवारों और नागरिकों को सार्वजनिक परीक्षाओं के बारे में सवाल उठाने और चिंताएं जाहिर करने का पूरा अधिकार है।

भीमनवार ने क्या अपील की? 
उन्होंने अपील की कि सार्वजनिक भर्ती प्रक्रियाओं में लाखों युवा उम्मीदवारों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को व्यक्तिगत आरोपों या राजनीतिक विवादों में नहीं बदला जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर ऐसे आरोप सामने आए हैं जिनमें दावा किया गया है कि पेपर लीक मामले में भीमनवार की भूमिका थी और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

क्या है पूरा मामला? 
ड्रग इंस्पेक्टरों के लिए भर्ती प्रक्रिया 29 जुलाई, 2025 को जारी एक विज्ञापन के जरिए शुरू की गई थी। इस साल 22 मार्च को महाराष्ट्र के छह डिविजनल मुख्यालयों पर ऑफलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। आयोग ने पहले बताया था कि 12 जून को नतीजे घोषित किए गए, जिसके बाद 506 उम्मीदवार इंटरव्यू के चरण के लिए योग्य पाए गए।

इनमें से 488 उम्मीदवार 1 से 22 जुलाई के बीच आयोजित इंटरव्यू में शामिल हुए। आयोग ने बताया कि इंटरव्यू पूरे होने के बाद, एमपीएससी ने 488 उम्मीदवारों की एक प्रोविजनल जनरल मेरिट लिस्ट प्रकाशित की, जिसमें नियुक्ति के लिए योग्य पाए गए 485 उम्मीदवार और अयोग्य घोषित किए गए तीन उम्मीदवार शामिल थे। हालांकि, आयोग को 22 से 26 जुलाई के बीच कुछ उम्मीदवारों और जन-प्रतिनिधियों से ईमेल के जरिए स्क्रीनिंग परीक्षा के संचालन के संबंध में शिकायतें मिलीं।

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