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आंध्र प्रदेश : बीजेपी अध्यक्ष हरि बाबू ने दिया इस्तीफा, केंद्र में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

Tue, 17 Apr 2018 01:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कंभमपति हरि बाबू
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आंध्र प्रदेश भाजपा इकाई के अध्यक्ष और विशाखापत्तनम से सांसद कंभमपति हरि बाबू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों का कहना है कि उनका इस्तीफा होने ही वाला था क्योंकि राज्य में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) से अलग होने के बाद पार्टी वहां कुछ बदलाव करना चाहती थी। अब पार्टी यहां अपनी सक्षमता से राज्य के अंदर पैठ बनाना चाहती है। उन्होंने राज्य के लिए एक नई रणनीति बनाई है।

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पार्टी सूत्रों के अनुसार- राज्य के अध्यक्ष पद के लिए विधान परिषद सदस्य सोमू वीराराजू, विधायक और पूर्व मंत्री पी मानिकयाला राव, पूर्व कांग्रेस नेता कन्ना लक्ष्मीनारायण और यूपीए सरकार में पूर्व मंत्री रहीं डी पुरनदेश्वरी रेस में शामिल हैं। लक्ष्मीनारायण और पुरनदेश्वरी ने साल 2014 में कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। दोनों ने राज्य विभाजन के मुद्दे को लेकर अपनी नाराजगी के चलते कांग्रेस छोड़ दी थी। हालांकि वीराराजू और राव जोकि कापू समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, वह भाजपा के पुराने साथी हैं। ऐसे में राज्य इकाई का अध्यक्ष बनने के उनके चांस ज्यादा मजबूत हैं। 

भाजपा सूत्रों के अनुसार वह कापू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले किसी सदस्य को राज्य का प्रमुख बनाएगी। सूत्रों का कहना है कि हरि बाबू को केंद्र में एक महत्वपूर्ण पद दिया जा सकता है। टीडीपी से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को उन नेताओं का उपयोग करने का निर्णय लिया है जो साल 2014 में राज्य के विभाजन के बाद कांग्रेस से अलग हो गए थे। भाजपा की योजना राज्य में सत्तारूढ़ टीडीपी के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की है। टीडीपी के साथ मिलकर भाजपा ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था और 3 लोकसभा सीटें जीती थीं। वहीं इसी साल विधानसभा चुनाव में भाजपा को 9 सीटों पर जीत मिली थी। बता दें कि 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश से तेलंगाना को अलग किया गया था।
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