पहले बात भाजपा की करते हैं...
जबलपुर
जबलपुर में शनिवार को भाजपा में प्रत्याशियों की सूची सामने आने के बाद जमकर आपसी विरोध देखने को मिला। भाजपा संभागीय कार्यालय में नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को घेर लिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ धक्का मुक्की की और उनकी गनमैन के साथ हाथापाई की।
दरअसल, भाजपा कार्यकर्ता जबलपुर मध्य सीट से अभिलाष पांडे को टिकट देने का विरोध कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अभिलाष बाहरी प्रत्याशी हैं जिन्हें वो समर्थन नहीं देंगे। युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष जबलपुर पश्चिम सीट के रहने वाले हैं, जबकि टिकट जबलपुर मध्य से दिया गया है।
ग्वालियर
विरोध के तेवर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में भी देखने को मिला। भाजपा ने पांचवीं सूची में ग्वालियर की पूर्व विधानसभा से सिंधिया की मामी माया सिंह को उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि, भाजपा नेता मुन्नालाल गोयल इस सीट से अपनी दावेदारी ठोक रहे थे।
जैसे ही पूर्व मंत्री माया सिंह के उम्मीदवारी की घोषणा हुई, मुन्नालाल समर्थकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। समर्थकों ने रविवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल में करीब दो घंटे तक हंगामा किया। सिंधिया के अपने महल से बाहर निकलते वक्त कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और उनकी गाड़ी के आगे भी लेटकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच, सिंधिया ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कई बार ऐसा हुआ है कि दिग्गजों के टिकट नहीं हो पाए हैं और मैंने खुद मुन्नालाल गोयल का टिकट तीन बार करवाया है, यह सबको पता है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आप लोगों के साथ खड़ा हूं और मुन्ना के साथ खड़ा हूं।
भिंड
अन्य शहरों की तरह भिंड में भी भाजपा में बगावती सुर दिखे। दरअसल, भिंड शहरी सीट से भाजपा ने संजीव सिंह कुशवाह की जगह भाजपा ने पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को टिकट दिया है। टिकटों की घोषणा के बाद से ही विधायक संजीव सिंह और उनके समर्थक कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। रविवार को सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता विधायक के आवास पर पहुंचे और उनके समर्थन में नारेबाजी की।
वहीं विधायक ने भी भाजपा द्वारा टिकट नहीं देने के फैसले को पार्टी का षड्यंत्र और विश्वासघात बताया है। कहा जा रहा है कि संजीव जल्द ही पार्टी के खिलाफ भिंड से चुनाव लड़ सकते हैं। 2018 में बसपा के टिकट पर भिंड से चुनाव जीते संजीव सिंह कुशवाह पिछले साल भाजपा में शामिल हुए थे।
बुरहानपुर
बगावत और विरोध के दृश्य बुरहानपुर से भी सामने आए। दरअसल, बुरहानपुर सीट से भाजपा ने पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को अपना उम्मीदवार घोषित किया बनाया है, जबकि यहां से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चार बार के खंडवा लोकसभा सीट से सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन टिकट की दावेदारी पेश कर रहे थे।
अब हर्षवर्धन को टिकट ना दिए जाने के चलते खुद हर्षवर्धन और उनके समर्थकों ने बगावती तेवर अपना लिया है। रविवार रात बड़ी संख्या में नंद कुमार सिंह चौहान के समर्थक उनके निवास पर पहुंचे थे। उन्होंने वहां नारेबाजी कर मांग है कि बुरहानपुर का टिकट बदलकर दिवंगत नेता नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन चौहान को दिया जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो, वह पार्टी के पक्ष में काम नहीं करेंगे। समर्थकों के कहना था कि अगर टिकट नहीं बदला गया तो वह हर्षवर्धन सिंह चौहान को निर्दलीय चुनाव मैदान में उतारकर चुनाव लड़वा सकते हैं। खुद हर्षवर्धन ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।
सिंगरौली
ऊर्जाधानी सिंगरौली में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। सिंगरौली शहरी सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक रामलल्लू वैश्य की जगह रामनिवास शाह को प्रत्याशी बनाया है। उधर टिकट कटने से नाराज विधायक ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की है, जिसमें उन्होंने भाजपा छोड़ने का एलान कर दिया। हालांकि, विधायक ने चुनाव लड़ने को लेकर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।